MP News: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 72 घंटों में 10 हाथियों की मौत, CM यादव ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश
MP News: मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक अभूतपूर्व घटना में मात्र 72 घंटों के भीतर दस हाथियों की मौत ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है। इस त्रासदी ने वन्यजीव संरक्षण में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने घटना की गंभीरता पर बात करते हुए कहा कि इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में हाथियों की मौत देश में पहली बार हुई है।
सीएम यादव ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया है। इस टीम में वन मंत्री प्रदीप अहिरवार, अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक बरनवाल, और वन बल के प्रमुख असीम श्रीवास्तव शामिल हैं। इनका मुख्य उद्देश्य हाथियों की इन अचानक मौतों के पीछे के कारणों का पता लगाना है। प्रारंभिक जांच में वन बल के प्रमुख श्रीवास्तव ने किसी भी साजिश या जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की आशंका को खारिज किया है।

वन विभाग ने शुरू में मौत का कारण कोदो बाजरा खाने को बताया। लेकिन मुख्यमंत्री यादव इस निष्कर्ष से संतुष्ट नहीं थे। एक आपातकालीन बैठक में उन्होंने इस स्पष्टीकरण पर अविश्वास जताया और वैज्ञानिक तौर पर सटीक जांच की मांग की। उनका मानना था कि घटना के तीन दिन बाद भी मौतों का स्पष्ट कारण न मिलना चिंता का विषय है।
हाथियों की मौत की लगातार बढ़ती संख्या
हाथियों की मौत की सूचना सबसे पहले 29 अक्टूबर को मिली थी। जब रिजर्व के खितोली रेंज के सांखनी और बकेली क्षेत्रों में चार हाथियों के शव पाए गए। अगले दो दिनों में मरने वाले हाथियों की संख्या बढ़ती गई। 30 अक्टूबर को चार और हाथियों की मौत हुई और 31 अक्टूबर को दो और हाथियों की मौत हो गई। पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट में हाथियों के पेट में कोदो बाजरा पाया गया है। जिससे संभावित विषाक्तता की आशंका जताई गई है।
आपसी संघर्ष से दो और हाथियों की मौत
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में शनिवार को एक और दुखद घटना हुई। जिसमें उसी झुंड के तीन हाथी आपस में झगड़ पड़े। इस संघर्ष में दो हाथियों की जान चली गई और एक अन्य हाथी घायल हो गया। हाथियों को पकड़ने के सवाल पर श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
वन मंत्री प्रदीप अहिरवार ने दिया विस्तृत जांच का आश्वासन
वन मंत्री प्रदीप अहिरवार ने इस घटना की गहनता से जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने रविवार शाम तक इलाके में रहकर जांच की निगरानी करने का संकल्प लिया है और कहा कि अगले तीन से चार दिनों में इस असामान्य घटना से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जाएगा।
वन्यजीव सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
हाथियों की इस दुर्भाग्यपूर्ण मौत ने न केवल लोगों में शोक की लहर फैलाई है। बल्कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और इसके आसपास के वन्यजीवों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना से यह साफ हुआ है कि वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा के क्षेत्र में और भी सख्त कदम उठाने की जरूरत है। जांच के नतीजों का सभी को इंतजार है। इस उम्मीद के साथ कि इन जवाबों से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय मिल सकें।












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