Accident MP News: मंदसौर में कुएं की काली साये ने निगली 12 जिंदगियां, बाइक से टकराकर कुएं में गिरी ईको वैन
Accident MP News: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में रविवार को दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12 लोगों की जान चली गई, जब एक तेज रफ्तार ईको वैन बाइक से टकराकर सड़क किनारे खुले कुएं में जा गिरी।
यह हादसा इतना भयावह था कि जो लोग वैन में बैठे थे, वे तो डूबे ही, बचाने उतरे एक ग्रामीण की भी मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और गांव की गलियों में मातम पसरा है।

मृतकों में बाइक सवार गोबर सिंह, वैन में सवार यात्री, और रेस्क्यू के लिए कुएं में उतरे ग्रामीण मनोहर सिंह शामिल हैं। यह हादसा न केवल सड़क सुरक्षा की कमी को उजागर करता है, बल्कि खुले कुओं के खतरे को भी सामने लाता है।
हादसे की भयावहता: 12 जिंदगियां लील गया कुआं
हादसा दोपहर करीब 1:15 बजे हुआ, जब उज्जैन जिले के उन्हेल से 14 यात्रियों को लेकर एक ईको वैन नीमच जिले के मनासा क्षेत्र में आंतरी माता मंदिर की ओर जा रही थी। पुलिस के मुताबिक, वैन ने बूढ़ा-टकरावत फंटे पर आबाखेड़ी निवासी गोबर सिंह की बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन अनियंत्रित होकर पास के एक खुले कुएं में जा गिरी, जिसमें 8 से 10 फीट पानी भरा था। वैन में सवार 14 में से 10 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि बाइक सवार गोबर सिंह भी इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे।

हादसे की खबर फैलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू की कोशिश शुरू की। सांजीत गांव के मनोहर सिंह ने बहादुरी दिखाते हुए कुएं में उतरकर 2-3 लोगों को बचाया, लेकिन जहरीली गैस (संभवतः वैन के LPG लीक या कुएं में जमा गैस) के कारण उनकी सांसें थम गईं। मनोहर की इस बलिदानी कोशिश ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया। मंदसौर DIG मनोज कुमार सिंह ने कहा, "मनोहर सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों को बचाने की कोशिश की। उनकी बहादुरी को हमेशा याद रखा जाएगा।"
रेस्क्यू ऑपरेशन: SDERF और क्रेन की मदद से निकाले गए शव
हादसे की सूचना मिलते ही नारायणगढ़ पुलिस, होम गार्ड, और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्टेट डिजास्टर इमरजेंसी रिस्पॉन्स फोर्स (SDERF) की एक 15 सदस्यीय टीम को भी तुरंत बुलाया गया। SDERF ने रस्सियों और नेट के सहारे कुएं में उतरकर शवों को निकालने का काम शुरू किया। क्रेन की मदद से डूबी हुई ईको वैन को बाहर निकाला गया, जिसमें कई यात्री फंसे हुए थे।

कुएं में 8 से 10 फीट पानी और कीचड़ होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी मुश्किलें आईं। जहरीली गैस की मौजूदगी ने बचाव कार्य को और जोखिम भरा बना दिया। मंदसौर जिला अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाए गए, ताकि रेस्क्यू टीम सुरक्षित काम कर सके। पुलिस अभी कुएं का पानी मोटर से निकाल रही है, ताकि यह पक्का हो सके कि कोई और शव अंदर नहीं बचा है। नारायणगढ़ थाना प्रभारी अनिल रघुवंशी ने बताया, "कुआं खाली होने के बाद ही हम पूरी तरह निश्चित हो पाएंगे कि कोई और पीड़ित अंदर नहीं है।"
Accident MP News: घायलों की हालत और अस्पताल में इलाज
हादसे में चार लोग जिंदा बचाए गए, जिनमें एक 3 साल की बच्ची, माया कीर (26), प्रियांशी (3), देवेंद्र (12), और मुकेश (27) शामिल हैं। इन सभी को मंदसौर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। मंदसौर SP अभिषेक आनंद ने बताया, "घायलों को तुरंत मेडिकल सहायता दी गई है। हम उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।"
मृतकों की पहचान और शोक की लहर
मृतकों में मंदसौर और रतलाम जिले के निवासी शामिल हैं। पुलिस ने अब तक 10 मृतकों की पहचान की है, जिनमें गोबर सिंह (बाइक सवार, आबाखेड़ी), मनोहर सिंह (रेस्क्यूर, सांजीत), कन्हैया लाल कीर, नागू सिंह, पवन कीर, धर्मेंद्र सिंह, आशा बाई, मधु बाई, मंगू बाई, और राम कुंवर शामिल हैं। बाकी दो मृतकों की पहचान अभी जारी है। हादसे की खबर सुनते ही पीड़ितों के परिवारों में कोहराम मच गया। मंदसौर जिला अस्पताल में शवों के पोस्टमॉर्टम के लिए पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
उपमुख्यमंत्री का दौरा और जांच के आदेश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, जिला कलेक्टर अदिति गर्ग, SP अभिषेक आनंद, और ASP गौतम सोलंकी मौके पर पहुंचे। देवड़ा ने रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया और कहा, "यह बेहद दुखद घटना है। बच्चों को सबसे पहले निकाला गया और अस्पताल भेजा गया। हम पीड़ित परिवारों के साथ हैं और हर संभव मदद करेंगे।" उन्होंने जिला कलेक्टर और SP को जांच तेज करने और रेस्क्यू ऑपरेशन में कोई कसर न छोड़ने का निर्देश दिया।
पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वैन के ड्राइवर का असावधान ड्राइविंग हादसे का कारण माना जा रहा है। कुएं के चारों ओर कोई बाउंड्री वॉल न होना भी हादसे को और घातक बना गया। SP आनंद ने कहा, "हम यह भी जांच रहे हैं कि क्या वैन में कोई मैकेनिकल खराबी थी। सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी।"
Accident MP News: सोशल मीडिया पर शोक और सवाल
हादसे की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैली, और लोग पीड़ितों के लिए शोक जता रहे हैं। कई यूजर्स ने मनोहर सिंह की बहादुरी की तारीफ की, तो कुछ ने सड़क सुरक्षा और खुले कुओं पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, "मनोहर सिंह ने अपनी जान देकर दूसरों को बचाया। उन्हें सलाम। लेकिन ऐसे कुओं को कवर क्यों नहीं किया जाता?" एक अन्य यूजर ने लिखा, "तेज रफ्तार और लापरवाही ने फिर कई जिंदगियां छीन लीं। कब सुधरेगा सिस्टम?"
अजमेर कांड से समानता और सबक
यह हादसा मंदसौर में सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक ढांचे की खामियों को उजागर करता है। खुले कुएं, जो ग्रामीण इलाकों में आम हैं, पहले भी कई हादसों का कारण बन चुके हैं। 2025 में ही खंडवा में एक कुएं में जहरीली गैस से 8 लोगों की मौत हो गई थी। मंदसौर हादसे ने एक बार फिर प्रशासन से सवाल पूछा है कि ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?












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