श्योपुर में मनाया जा रहा है 24 वां स्थापना दिवस, कई कार्यक्रम किए जा रहे हैं आयोजित
श्योपुर मे मनाया जा रहा है 24वां स्थापना दिवस, स्थापना दिवस को गौरव दिवस के रुप में मनाते हुए आयोजित किया गया है तीन दिवसीय प्रोग्राम।
श्योपुर, 25 मई। 25 मई को श्योपुर में स्थापना दिवस के रूप में मनाते हुए कई आयोजन किए जा रहे हैं। लगातार तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन को गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत 24 मई से ही हो चुकी है और यह आयोजन 26 मई तक जारी रहेगा।

श्योपुर को जिला बनाने के लिए 4 लोगों ने दिया था अपना बलिदान
श्योपुर को जिला बनाने के लिए कई लोगों को लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा था। इस संघर्ष के दौरान पुलिस की गोली से 4 लोगों की जान भी चली गई थी। 21 फरवरी 1975 को जब श्योपुर को जिला बनाने की मांग करते हुए आंदोलन समिति द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था तो पुलिस ने फायरिंग कर दी और पुलिस की फायरिंग में शहर के वजीर खान, गप्पू लाल, मुंशी मोहम्मद हसन और जुम्मा खान की जान चली गई थी।
आंदोलन के दौरान पुलिस ने बरसाई थीं लाठियां
श्योपुर को जिला बनाने की मांग करते हुए जो आंदोलन किए जा रहे थे उन आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस भी पीछे नहीं थी। लगातार पुलिस द्वारा आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज किए गए। आंदोलनकारियों को मुरैना और सबलगढ़ की जेलों में भी बंद रखा गया। पूरे आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया गया लेकिन आंदोलनकारियों ने अपनी जिद नहीं छोड़ी और वे लगातार श्योपुर को जिला बनाने की मांग पर अड़े रहे।
25 मई 1998 को श्योपुर बन गया था जिला
25 मई 1998 को श्योपुर को मुरैना जिले से अलग करके अलग जिला घोषित कर दिया गया था। यह सब ठीक उस घटना के 23 साल बाद हुआ था जिस घटना में अलग जिला बनाने की मांग करते हुए 4 लोगों की जान चली गई थी।
आंदोलन में जान गवाने वाले 4 लोगों के परिजनों को किया जाएगा सम्मानित
श्योपुर को जिला बनाने की मांग करते हुए आंदोलन के दौरान अपनी जान गवाने वाले वजीर खान, गप्पू लाल, मुंशी मोहम्मद हसन और जुम्मा खान को श्योपुर के 24वें स्थापना दिवस पर याद करते हुए उनके परिजनों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा श्योपुर जिले की प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया जाएगा।
कूनो अभ्यारण के लिए श्योपुर है प्रसिद्ध
श्योपुर में कूनो अभयारण्य भी मौजूद है। इस अभयारण्य में वर्तमान में अफ्रीकी चीतों की बसाहट कराने को लेकर कार्य किया जा रहा है। इन चीतों को इसी साल कूनो अभयारण्य में लाया जाएगा। वर्तमान में कूनो अभ्यारण को कूनो-पालपुर नेशनल पार्क के नाम से पहचान दी गई है।












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