CAA: क्लॉक टावर पर प्रदर्शन कर रही एक और महिला की मौत, सपा ने परिजनों को दी 2 लाख की मदद
लखनऊ। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ यूपी की राजधानी लखनऊ के क्लॉक टावर पर 17 जनवरी से दिल्ली के शाहीन बाग की तरह धरना प्रदर्शन चल रहा है। इस प्रदर्शन में शामिल होने शुरू से ही आ रही 55 साल की फरीदा की मौत हो गई है। बारिश में भीगने की वजह से फरीदा बीमार हो गई थी। उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन इलाज के दौरान रविवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। इससे पहले 20 साल की बीए छात्रा तैयबा की भी मौत हो गई थी।

क्लॉक टावर पर प्रदर्शन के लिए प्रशासन ने टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी थी तो प्रदर्शनकारी यहां बिना टेंट के ही धरना दे रहे हैं। फरीदा और तैयबा के घर पर उनके परिजनों से समाजवादी पार्टी के नेता मिलने गए और घटना पर दुख जताया। सपा नेता जूही सिंह के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने दोनों महिलाओं के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक मदद भी दी। क्लॉक टावर पर प्रदर्शन कर रही महिलाएं भी दोनों की मौत से दुखी हैं।
क्लॉक टावर पर प्रदर्शनकारियों ने फरीदा को श्रद्धांजलि दी और कहा कि वह यहां नियमित आती थीं और रात में भी कई बार रुकती थीं। महिलाओं ने फरीदा के बारे में कहा कि उनकी जैसी महिलाओं की वजह से ही नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जिंदा है। अखिलेश यादव ने भी दोनों महिलाओं की मौत पर शोक व्यक्त किया है।












Click it and Unblock the Notifications