भाजपा ने पहले कभी मुझे ऑफर क्यों नहीं दिया, वे सपा-आरएलडी गठबंधन को तोड़ना चाहते हैं- जयंत चौधरी
जयंत चौधरी ने कहा कि 42 साल की मेरी उम्र है और 20 साल से राजनीति में हूं। इससे पहले भाजपा ने क्यों न्योता नहीं दिया।
लखनऊ, 31 जनवरी। जैसे-जैसे यूपी चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे तमाम दल एक दूसरे पर जोरदार हमला बोल रहे हैं। यूपी में असली लड़ाई भाजपा और सपा में है, इसलिए दोनों ही पार्टियां एक दूसरे पर हमले का कोई मौका नहीं चूक रही हैं। अमित शाह की ओर से मिले ऑफर और धर्मेंद्र प्रधान के बयान पर जयंत चौधरी ने सवाल खड़ा किया है। जयंत ने कहा कि 42 साल की मेरी उम्र है और 20 साल से राजनीति में हूं। इससे पहले भाजपा ने क्यों न्योता नहीं दिया। जयंत ने कहा कि वह लोग केवल सपा-रालोद को तोड़ना चाहते हैं। सपा-रालोद गठबंधन से भाजपा बुरी तरह डरी हुई है।

बता दें कि अमित शाह ने जयंत चौधरी को लेकर कहा था कि सपा से गंठबंधन को लेकर जयंत का इतिहास कमजोर है और उन्हें बच्चा समझकर मांफ कर देना चाहिए। शाह ने यह भी कहा कि यदि यूपी में सपा जीतती है तो जयंत चौधरी को किनारे कर दिया जाएगा और उनकी जगह आजम खान ले लेंगे। वहीं, पिछले दिनों अमित शाह ने जाट नेताओं से मुलाकात के बाद कहा था कि जयंत चौधरी ने गलत घर चुन लिया है और चुनाव के बाद भी बीजेपी का दरवाजा उनके लिए खुला हुआ है।
यह भी पढ़ें: उत्तराखंड: समूह 'ग' की सरकारी नौकरी में स्थानीय बेरोजगारों के लिए खुशखबरी
वहीं जयंत चौधरी ने उनके इस ऑफर को ठुुकराते हुए कहा था कि वह चवन्नी नहीं हैं जो पलट जाएं। सोमवार को धर्मेंद्र प्रधान ने भी जयंत चौधरी के चवन्नी वाली बयान पर पलटवार किया। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह बच्चे हैं। प्रधान ने उनके पिता के बार-बार पार्टी बदलने की याद दिलाते हुए कहा कि उनका इतिहास ज्ञान बेहद कमजोर है। केंद्रीय मंत्री ने उन्हें बच्चा बताते हुए माफ करने की बात कही।
धर्मेंद्र प्रधान ने आगरा में कहा, 'जयंत के बारे में जितना कम कहा जाए उतना अच्छा। वह बच्चे हैं, वह मैदान में नए आए हैं। उनके पिता ने कितनी बार पार्टी बदली। जब वह पहली बार चुनाव लड़े तो किसके साथ गठबंधन था। मुझे नहीं पता था कि उनका इतिहास ज्ञान इतना कमजोर है। बच्चों को माफ कर देना चाहिए।'












Click it and Unblock the Notifications