भ्रष्टाचार के खिलाफ एक्शन में सीएम योगी, गाजियाबाद की पूर्व DM निधि केसरवानी को किया सस्पेंड, जानिए मामला
लखनऊ, 04 मई: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का भ्रष्टाचार में लिप्त सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों पर एक्शन जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को यूपी सरकार ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के भूमि अधिग्रहण में हुए घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद की पूर्व जिलाधिकारी निधि केसरवानी को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही इस मामले में जांच आख्या उपलब्ध होने के बावजूद अग्रिम कार्यवाही में विलंब करने पर नियुक्ति विभाग के अनुभाग अधिकारी, समीक्षा अधिकारी को भी निलंबित करने के आदेश दिया है। साथ ही अनुसचिव पर भी कार्रवाई होगी। सीएम कार्यालय के ट्विटर हैंडल से यह जानकारी साझा की गई।

2016 में गाजियाबाद की डीएम बनी थीं निधी केसरीवानी, जानिए क्या है आरोप
बता दें, 2004 बैच की मणिपुर कैडर की आईएएस अधिकारी निधि केसरवानी के खिलाफ भूमि अधिग्रहण मामले में गड़बड़ी का आरोप है। वह 21 जुलाई 2016 को गाजियाबाद की डीएम बनी थी। आरोप है कि इस घोटाले में अधिकारियों ने शुरुआत में किसानों से कम दामों पर भूमि खरीद ली और फिर उसे अपने रिश्तेदारों को खरीदवाकर सरकार को कई गुना ऊंचे रेट पर बिकवा दी। मेरठ मंडल के पूर्व आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने गाजियाबाद के तत्कालीन जिलाधिकारी विमल कुमार शर्मा और निधि केसरवानी समेत कई अधिकारियों और कर्मचारियों को दोषी पाया था।
यूपी सरकार ने कार्रवाई के लिए भारत सरकार को लिखा पत्र
आईएएस निधि केसरवानी वर्तमान में केंद्र सरकार में डिप्टी सेक्रेटरी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर में तैनात हैं। यूपी सरकार ने निधी केसरवानी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए भारत सरकार को पत्र लिखा है। सरकार ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का भी आदेश दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर जानकारी दी गई कि इस केस से जुड़ी पत्रावली की जांच रिपोर्ट आने के बावजूद कार्रवाई करने में देरी करने वाले नियुक्ति विभाग के अनुभाग अधिकारी व समीक्षा अधिकारी को भी निलंबित किया जाएगा। वहीं, इस मामले में अनुसचिव के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए निर्देश दिया गया है।












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