उरी में शहीद गणेश शंकर के तीन मासूम बच्चों को है पिता का इंतजार
लखनऊ। उरी में हुए आतंकी हमले में 17 जवानों के शहीद होने से ना सिर्फ उनके परिवार में बल्कि पूरे देश के लोगों में शोक व्याप्त है। बॉलिवुड से लेकर तमाम अलग-अलग जगत की हस्तियां इस हमले की निंदा कर रही हैं। लेकिन इन सबसे इतर शहीदों के परिवार में जबरदस्त मातम पसरा है, शहीद जवान अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ कर चले गए हैं जिनकी जिम्मेदारी अप परिजनों के लिए बड़ी चुनौती है। जो 17 जवान शहीद हुए हैं उनमें से 4 जवान यूपी के हैं, उनमें से एक गणेश शंकर यादव जोकि संत कबीर नगर जिले के मेहदावल के धूरापाली गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता का पहले ही स्वर्गवास हो चुका है।

दो महीने पहले आए थे घर
जब शहीद गणेश शंकर उरी हमले से दो महीने पहले अपने घर आए थे तो किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह अब कभी नहीं आएंगे। सीमा पर इस तरह का कोई माहौल भी नहीं था जिसको लेकर परिवार चिंतित हो।
कब तक लोग शहीद होते रहेंगे अघोषित लड़ाई में
लेकिन जब आज गणेश शंकर का पार्थिव शरीर उनके घर लाया गया तो हर कोई गमगीन था, लोग अपने आंशू नहीं रोक पा रहे थे। हर कोई उन्हे उनके बलिदान के लिए सैल्यूट कर रहा था। लेकिन इन लोगों के भीतर एक सवाल भी तक कि कब तक देश के जवान इस अघोषित युद्ध की भेंट चढ़ते रहेंगे।
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मासूम बच्चों को तैयार करते वक्त मिली जानकारी
गणेश शंकर जोकि महज 34 वर्ष के थे, उनके परिवार में तीन मासूम बच्चे हैं। उनकी पत्नी गुड़िया जोकि गोरखपुर के पीपीगंज में रहती है। जिस वक्त वह अपने बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी कर रही थी। तब उन्हें इस बात की सूचना मिली थी कि उनके पति शहीद हो गए हैं।
सूचना के बाद बेहोश हुई पत्नी
घटना की सूचना मिलने के बाद से ही गणेश शंकर की पत्नी बेहोश हो गई थी और बेसुध अवस्था में उन्हें उनके गांव लाया गया है। गुड़िया के अलावा बच्चों को भी पिता के अंतिम दर्शन के लिए घर लाया गया है।
परिवार से उठ गया पिता का साया
शहीद गणेश शंकर के घर में उनकी पत्नी गुड़िया, मां कलावती के अलावा बेटी खुशबू (9), खुशी(4) व बेटा ऑकृत (6) है। ये सभी अभी दो महीने की छुट्टी मनाकर घर वापस गए थे।












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