'...तो सपा-बसपा मिलकर केंद्र की सरकार चलाते', अखिलेश यादव पर जमकर बरसीं मायावती
Mayawati Targets Akhilesh Yadav: निकाय चुनाव को लेकर बुलाई गई बैठक में मायावती ने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रोपेगेंडा फैलाकर बीएसपी को कमजोर करना चाहती है।

UP Nikay Chunav 2023: उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के लिए आरक्षण सूची जारी होने के बाद सियासी दलों के बीच सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में रविवार को बीएसपी सुप्रीमो और सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लखनऊ में पार्टी नेताओं के साथ एक अहम बैठक की। बैठक में जहां मायावती ने पार्टी नेताओं को निकाय चुनाव को लेकर जरूरी दिशानिर्देश दिए, वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी जमकर हमला बोला। मायावती ने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग ये प्रोपेगेंडा फैला रहे हैं कि बहुजन समाज पार्टी से दलितों का मोहभंग हो रहा है, इससे बहुत सावधान रहने की जरूरत है।
'भाजपा को हराने के लिए बीएसपी जरूरी'
मायावती ने अपने बयान में कहा, 'बार-बार धोखा खाने के बाद अब प्रदेश की जनता को भी ये एहसास हो गया है कि समाजवादी पार्टी के लिए भाजपा को हराना मुश्किल ही नहीं, बल्कि असंभव है। जनता मान चुकी है कि भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए बीएसपी जरूरी है। और, यही वजह है कि दूसरी पार्टियां बीएसपी को कमजोर करने के लिए प्रोपेगेंडा चला रही हैं। इसीलिए, बीएसपी ने ये फैसला लिया है कि पार्टी प्रदेश के निकाय चुनाव में किसी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी, और अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।'
प्रोपेगेंडा चला रही हैं विरोधी पार्टियां: मायावती
बसपा सुप्रीमो ने आगे कहा, 'बीएसपी को कमजोर करने के लिए हमारे विरोधी राजनीतिक दल साजिशें रच रहे हैं, मीडिया में ऐसी खबरें चलाई जा रही हैं कि पार्टी के दलित वोट बैंक में दरार आ चुकी है। इन खबरों में जरा सी भी सच्चाई नहीं है। दलित समुदाय के लोगों को इस तरह के प्रोपेगेंड और हथकंडों से सावधान रहने की जरूरत है।'
'काशीराम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही सपा'
अपने बयान में मायावती ने कहा, 'दलितों और अति पिछड़े वर्ग को समाजवादी पार्टी की हकीकत पता है और वो उससे सावधान हैं। इस बार मुस्लिम समाज भी समाजवादी पार्टी के झांसे में नहीं आएगा। समाजवादी पार्टी अब काशीराम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल करना चाहती है, लेकिन वो चाहे कितनी कोशिश कर ले, उनकी ये गंदी राजनीति काम करने वाली नहीं है।'
गेस्ट हाउस कांड को मायावती ने किया याद
लखनऊ गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा, 'जनता कुछ भी नहीं भूली है। अगर समाजवादी पार्टी ने काशीराम की मिशनरी विचारधारा को ध्यान में रखते हुए गठबंधन की सरकार चलाई होती तो सपा-बसपा के गठबंधन में कभी दरार नहीं आती, बल्कि ये दोनों पार्टियां मिलकर देश में केंद्र की सरकार चलातीं।'












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