UP News: विधानासभा के शीतकालीन सत्र से पहले नए नियमों को लेकर मचा घमासान, जानिए इसकी वजहें
UP Vidhansabha: उत्तर प्रदेश में विधानसभा का शीतकालीन सत्र 28 नवंबर से शुरू होगा। इस सत्र के दौरान सरकार अनुपूरक बजट पास करा सकती है। इसको लेकर सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। इस बीच यूपी विधानसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन के नए नियम इस सत्र से लागू होंगे। इस नियमावली के अमल में आने के बाद एक तरफ जहां विधायकों की मुश्किलें बढ़ेंगी वहीं दूसरी ओर सदस्यों को सदन के भीतर झंडे, बैनर, पोस्टर और तख्तियां ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने की योगी आदित्यनाथ सरकार की प्रतिबद्धता विधानसभा में भी दिखेगी। सत्र के दौरान बोलने के लिए महिला सदस्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं दूसरी ओर यूपी विधानसभा का शीतकालीन सत्र मंगलवार से शुरू होने के साथ ही सदस्यों को सदन में अपने मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति देने की मांग बढ़ती जा रही है।
यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि
सदन की नई नियम पुस्तिका अब लागू की जाएगी और सदन का शीतकालीन सत्र नए नियमों के प्रावधानों के तहत आयोजित किया जाएगा।
नए नियमों के बहाने अनुशासन रखने की कोशिश
नए नियम सदन में अनुशासन लागू करने के लिए लाए गए हैं। इस साल की शुरुआत में, समाजवादी पार्टी के एक विधायक को फेसबुक पर सदन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण करते हुए पाया गया था जिस पर अध्यक्ष सतीश महाना को गुस्सा आया था जिन्होंने विधायक को तुरंत सदन छोड़ने के लिए कहा था।
विधानसभा सचिवालय के एक अधिकारी ने कहा कि एक सदस्य ने कंप्यूटर टैबलेट का भी इस्तेमाल किया, जो सभी विधायकों की सीटों पर कार्ड या वीडियो गेम खेलने के लिए लगा होता है और ऐसी गतिविधियां राज्य विधानमंडल के बारे में गलत परसेप्सन पैदा करती हैं।
सदन में इन चीजों पर रहेगी पाबंदी
मुख्य रूप से विपक्ष के सदस्य सदन की कार्यवाही के दौरान अपना विरोध दर्ज कराने के लिए झंडे, बैनर और नारे लिखी तख्तियां प्रदर्शित करते हैं। सदन में सदस्यों को अपने मोबाइल फोन ले जाने की इजाजत देने की मांग को जायज ठहराते हुए सपा के मुख्य सचेतक मनोज कुमार पांडे ने कहा, ''सदन के अंदर हम अपने मोबाइल फोन को साइलेंट मोड में रखते हैं. हम स्पीकर से अनुरोध करेंगे कि वह मोबाइलों को साइलेंट मोड में रहने दें।''
सत्र के दौरान कई अहम विधेयक होंगे पारित
यूपी विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के पहले दिन की शुरुआत सदन के उन वर्तमान और पूर्व सदस्यों के प्रति शोक संदेश के साथ होगी जिनका निधन हो गया है। 29 नवंबर को सत्र की आधिकारिक कार्यवाही पहले भाग में शुरू होगी, जिसमें अध्यादेश, अधिसूचनाएं, नियम आदि पेश किए जाएंगे। इसके साथ ही विधेयकों की प्रस्तुति भी होगी।
30 को अनुपूरक बजट पास करा सकती है सरकार
दोपहर 12:30 बजे के बाद वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए अनुपूरक अनुदान मांगों का प्रस्तुतिकरण एवं अन्य विधायी कार्य किये जायेंगे। इसके अलावा, सत्र के तीसरे दिन 30 नवंबर को वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए अनुपूरक अनुदान पर चर्चा की जाएगी। साथ ही विनियोग विधेयक सदन की अनुमति से पेश किया जाएगा। इसके साथ ही अन्य विधायी कार्य भी निपटाए जाएंगे। एक दिसंबर को शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन विधायी गतिविधियां संपन्न होंगी।












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