UP News: लखनऊ में दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश, कई इलाकों में हुआ जलभराव
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। जलभराव होने की वजह से कई इलाकों में लोगों के घरों में पानी घुस गया है।
Rain in Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बारिश की वजह से जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। लगातार बारिश के कारण सोमवार सुबह लखनऊ के कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया। हालांकि अधिकारियों की तरफ से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं।

जिले के सदर के निचले इलाकों में जलजमाव और सड़क धंसने से निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर में लगातार हो रही बारिश के कारण यातायात भी बाधित हो गया है।
लखनऊ शहर के लगभग दो दर्जन इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। इसमें मुख्यतौर पर हजरतगं, जानकारीपुरम, आशियाना, चिनहट, अलीगंज, गोमतीनगर, इंदिरानगर, आलमनगर, मोहानरोड, जियामऊ, ट्रांसपोर्ट नगर और पटेल नगर जैसे इलाके शामिल हैं।
वहीं लखनऊ की मेयर सुषमा खरकवाल ने लोगों को आश्वस्त किया है कि जल्द ही ये समस्याएं दूर कर ली जाएंगी। नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। निगम के हर जोन के अधिकारी जिला प्रशासन के साथ मिलकर जलभराव वाले इलाको में कार्रवाई कर रहे हैं ताकि लोगों को राहत मिल सके।
लखनऊ में रविवार से ही भारी बारिश हो रही है और मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक सोमवार को भी सुबह से ही रुक रुककार बारिश हो रही है। चूंकि मानसून का मौसम जारी है, इसलिए प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को खराब मौसम के बीच सुरक्षित रहने के लिए सावधानी बरतने और सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
इससे पहले, जिला अधिकारी ने घोषणा की कि लखनऊ के सभी स्कूल बंद रहेंगे। लखनऊ के जिलाधिकारी सूर्य पाल गंगवार ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ''लखनऊ में रात से हो रही भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए और मौसम विभाग के अलर्ट के कारण आज 11 सितंबर को सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।"
#WATCH | Lucknow, UP: Due to heavy rainfall, water-logging has occurred in several parts of Lucknow pic.twitter.com/wxhKOMiUfT
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) September 11, 2023
मौसम विभाग के मुताबिक कहा कि सितंबर के दौरान पूरे देश में मानसून सामान्य रहने की उम्मीद है। इसके अलावा आईएमडी ने यह भी बताया कि पूरे मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगस्त में बारिश भी 1901 के बाद से सबसे कम थी, जिससे यह इतिहास में मानसून की कमी के सबसे खराब महीनों में से एक बन गया।
मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा, जबकि भारत के कुछ इलाकों और पश्चिम-मध्य भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से सामान्य से नीचे रहने की संभावना है।












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