आम बजट में यूपी के साथ हुआ सौतेला व्यवहार: सपा
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि केन्द्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में वर्ष 2016-17 का जो बजट पेश किया है वह आम जनता की आशाओं पर खरा नहीं उतरा। जनता के अच्छे दिनों के उम्मीदों पर भी इसने पानी फेर दिया है। वित्तमंत्री ने गाँव-किसान की बाते करके अपना राजनीतिक हित साधन करने की कोशिश जरुर की है किन्तु कुल मिलाकर ये वादे वादे ही रहने वाले हैं। यह बजट निश्चित रुप से किसान विरोधी है।

किसानों के लिए फसल बीमा का लाभ किसानों को नही, बीमा कंपनियों को मिलेगा। किसानों की कर्ज माफी की पहल नही है, वह परेशानी में आत्महत्या करने को मजबूर है। वित्तमंत्री के बजट में वैश्विक मंदी की आड़ में अपनी प्रंशसा तो है किन्तु हकीकत में तो हालात अच्छे नही दिखते है। देश के निर्यात में 4.4 प्रतिशत और महंगाई दर में 5.4 प्रतिशत की गिरावट है। आयात में बढ़ोत्तरी होनी है। उत्पादन स्थिर है। कपड़े और सोने के गहने महंगे होने है। कृषि कल्याण से देश में महंगाई बढ़ेगी। आंकड़ो से विकास नही होने वाला है।
जेटली ने कृषि क्षेत्र में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की छूट देने के साथ किसानों की आय दोगुनी करने का भी सपना दिखाया है। इसके लिए किसानों को साल 2022 तक इंतजार करना पड़ेगा। सभी गाँवों में बिजली का भी वादा है पर वह 2018 तक खिंचने वाला है। हर क्षेत्र में यह सरकार पीपीपी के भरोसे हैं। आम आदमी को भरोसा था कि इस बार बजट में कम से कम आयकर की छूट सीमा बढ़ेगी पर आयकर स्लैब में कोई बदलाव नही हुआ। मध्यवर्गीय कर्मचारी वर्ग को छुटपुट राहतें देकर बहलाया गया है।












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