लखनऊ: कार सवार बदमाशों ने किया किशोरी को अगवा, तीन आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम थानाक्षेत्र में शुक्रवार की देर रात एक बजे एसयूवी सवार बदमाशों ने 15 साल की किशोरी को अगवा कर दिया। मुंह दबाकर उसे एक सुनसान जगह पर ले गए, जहां उसका रेप किया। दो घंटे बाद उसे छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता ने घर पहुंचकर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल शुरू की। सूचना मिलने के पांच घंटे के अंदर ही मुख्य आरोपी सहित तीन को दबोच लिया। वहीं, एक आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच कराई है। दोपहर बाद उसका मजिस्ट्रियल बयान दर्ज कराने के लिए भेजा गया। फरार आरोपी की तलाश में तीन टीमें दबिश दे रही हैं।

क्या कहती है पुलिस
एडीसीपी उत्तरी राजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, मूलरूप से सीतापुर के रामपुर मथुरा थानाक्षेत्र निवासी तंदूर कारीगर जानकीपुरम इलाके में परिवार संग किराए के मकान में रहता है। पास में ही एक मुर्गे की दुकान लगाने वाला युवक जिब्राइल भी सीतापुर का ही रहने वाला है। दोनों परिवार एक ही क्षेत्र में रहने के कारण पहले से परिचय था। तंदूर कारीगर की 15 साल की बेटी को शुक्रवार रात करीब एक बजे अचानक एसयूवी सवार बदमाशों ने अगवा कर लिया। करीब दो घंटे तक उसे सुनसान स्थान पर रखा। किशोरी ने आरोप लगाया कि उसके साथ दुष्कर्म किया गया। करीब दो घंटे बाद आरोपियों ने किशोरी को घर से कुछ पहले छोड़ दिया और भाग निकले।
अगवा होने के तीन घंटे बाद दी पुलिस को सूचना
एडीसीपी राजेश श्रीवास्तव के मुताबिक, किशोरी के अगवा होने के करीब तीन घंटे बाद परिवारीजनों ने 3:45 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलने पर जानकीपुरम इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे। अभी वह पड़ताल कर ही रहे थे तभी एसीपी अलीगंज अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने किशोरी से पूछताछ की। इसके बाद आरोपियों की तलाश शुरू की गई। वहीं, पीड़िता को तत्काल बलरामपुर अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के लिए भेज दिया गया।
पूछताछ में और मेडिकल में नहीं हुई रेप की पुष्टि
पुलिस के मुताबिक, किशोरी शुरुआत में अगवा कर गैंगरेप करने की बात कर रही थी। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने दुष्कर्म के आरोपों से इनकार कर दिया। हालांकि, पुलिस ने अभी इस बिंदु को अपनी पड़ताल से अलग नहीं किया है। प्रभारी निरीक्षक मोहम्मद अशरफ के मुताबिक, पुलिस ने अगवा करने, बंधक बनाए रखने और धमकाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। उनके मुताबिक मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी जाएगी। वहीं, पीड़िता का मजिस्ट्रियल बयान भी होना है। पुलिस इसका भी इंतजार कर रही है। इंस्पेक्टर मुहम्मद अशरफ ने बताया कि महिला डॉक्टरों द्वारा पीड़िता का मेडिकल परीक्षण किया गया। इसमें रेप की पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा पीड़िता का कलमबंद बयान दर्ज किया गया। उसने अपने बयान में भी रेप की बात से इनकार किया है। अब तक की पड़ताल में सामने आया कि किशोरी व आरोपी पूर्व परिचित हैं। लिहाजा जिब्राइल, कयूम व सुफियान को अपहरण व धमकाने की धाराओं में जेल भेजा गया है। एसीपी ने बताया कि जिब्राइल व उसका पिता कयूम गोश्त विक्रेता हैं। जबकि, बाराबंकी निवासी सुफियान टिम्बर की दुकान में मजदूरी करता है।
काम से घर पहुंचने पर हुई पिता को जानकारी
अगवा की गई नाबालिक बच्ची के पिता के मुताबिक, कुछ लोगों ने उसकी बेटी को अगवा किया, काम से फुर्सत मिलने पर जब वह घर पहुंचे तो बाहर पुलिस मौजूद थी। घटना के बारे में उन्हें भी जानकारी नहीं थी, हालांकि बेटी को पुलिस ने मेडिकल के लिए भेजा है और आरोपी के पिता को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, किशोरी के अपहरण के संबंध में पुलिस द्वारा अत्यधिक त्वरित गति से कार्यवाही की गई है। सुबह 3:45 बजे सूचना मिलने के चंद मिनटों के अंदर ही पुलिस व अधिकारीगण तत्काल मौके पर पहुंच गए। मौके पर पहुंचे अफसरों द्वारा तत्काल पीड़िता को मेडिको लीगल परीक्षण हेतु बलरामपुर अस्पताल पहुंचवाया गया। इसी दौरान ज्वाइंट कमिश्नर नीलाब्जा चौधरी एवं ज्वाइंट कमिश्नर नवीन अरोरा द्वारा घटनास्थल, बलरामपुर अस्पताल एवं पीड़िता के परिवारीजनों से मिलकर पूरे मामले की जानकारी की गई तथा पुलिस द्वारा त्वरित गति से कार्यवाही करते हुए एफआईआर दर्ज की गई।
तीन आरोपी गिरफ्तार, फरार एक की तलाश में दबिश
प्रभारी निरीक्षक जानकीपुरम मुहम्मद अशरफ ने बताया कि नामजद एफआईआर में कुल 4 आरोपियों में से 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और बचे एक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 3 टीमों का गठन किया गया है, जिसमें पहली टीम का नेतृत्व अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक धनंजय पांडेय, दूसरी टीम का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक जानकीपुरम मो. अशरफ व तीसरी टीम का नेतृत्व निरीक्षक सुधांशु द्वारा किया जा रहा है। ऊक्त तीनो टीमें शेष बचे अभियुक्तों के संभावित स्थानों पर दबिश हेतु रवाना है। तहरीर में पीड़िता के पिता ने आरोपियों पर पीड़िता को जबरदस्ती मुंह दबाकर अपहरण करने, धमकी देने तथा बेहोशी की हालत में रात्रि में दुकान के पास छोड़ने का आरोप लगाया। इसके बाद अभियुक्त जिब्राइल पुत्र कयूम, कयूम पुत्र यामीन, और सुफीयान पुत्र मो. इरफान गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अभियुक्त मोबीन के बारे में जानकारी की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट से लैंगिक अपराध का कोई साक्ष्य नहीं पाया गया है। अभियुक्त जिबराइल की वादी के घर के पास ही दुकान थी, जिसके कारण एक-दूसरे को पहले से जानते थे।












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