मुलायम के गढ़ इटावा में मिला आजम की भैंसों का चोर

Azam Khan
इटावा। एक बार फिर आजम खां की भैंसें चर्चा में आ गईं हैं। अब भैंस और आजम अखिलेश सरकार को लेकर एक नया खुलासा सामने आया है। मुलायम के 'गढ़' इटावा से पकड़े गए लुटेरे ने खुद को असली चोर बताते हुए जेल में बंद आरोपियों को निर्दोष बताया। ऐसे में सवाल उठता है, एक घटना का दो बार खुलासा हुआ, तो सही कौन है? रामपुर पुलिस या फिर इटावा पुलिस। वहीं, यदि असली चोर अब पकड़ा गया है, तो करीब पांच महीनों तक बेकसूरों को जेल में क्यों रखा गया?

फिलहाल इस सवाल का जवाब भविष्य के गर्त छिपा है। इसके लिए इंतजार करना होगा। साथ ही अब देखना यह है कि अधिकारी किस जिले की पुलिस को सही ठहराते हैं और किसे गलत। बताते चलें कि कुछ माह पहले आजम खां की सात भैंसें चोरी हो गई थीं। मामला यूपी के कद्दावर मंत्री से जुड़ा था, इसलिए पुलिस ने दिन-रात मेहनत करते हुए 36 घंटों में भैंसें बरामद की थीं और कार्रवाई के नाम पर पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामला रफा-दफा माना जा रहा था, लेकिन गुरुवार रात इटावा से पकड़े गए लुटेरे ने खुद भैंसों का असली चोर बताते हुए पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए।

मुलायम के 'गढ़' में मिला आजम की भैंसों का चोर

इटावा में बकेवर थाने की पुलिस ने ग्राम उझियानी के निकट गुरुवार रात सात लुटेरों को अवैध असलहों के साथ गिरफ्तार किया है। इटावा पुलिस का दावा है कि इनमें मंत्री आजम खां की भैंस चुराने वाला भी शामिल है। भैंस चुराने वाले आरोपी बरेली निवासी इख्तियार ने पुलिस को बताया कि रामपुर पुलिस ने मंत्री की भैंस के मामले में जिन लोगों को जेल भेजा है, वे बेकसूर हैं। पांच महीने पहले उसी ने ही आजम की भैंसें चुराई थी।

पकड़े गए बदमाशों में सलीम निवासी बरेली गेट सिविल लाइन रामपुर, फुरकान, गुलफाम और उमर निवासी शिरसी मुरादाबाद समेत अन्य शामिल हैं। इन लोगों ने बताया कि इन्होंने अब तक मुरादाबाद से लेकर नेशनल हाईवे के फतेहपुर जिले तक वाहनों की लूटपाट की कई घटनाओं को अंजाम दिया है।

क्या था पूरा मामला

रामपुर के पसियापुरा गांव में यूपी के मंत्री आजम खां का हमसफर नाम से रिजॉर्ट है। इसका उद्घाटन साल भर पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके पिता सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने किया था। इस रिजॉर्ट के पीछे बाग में तबेला है, जहां कैबिनेट मंत्री के दुधारू जानवर बंधते हैं। यहीं से शुक्रवार रात को सात भैंसें गायब हो गईं थी।

इसके बाद पहले यूपी के रामपुर जिले की पुलिस जबरदस्त एक्शन में थी। रामपुर जिले में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भैंसों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रहे थे। यूपी के संसदीय कार्य एवं नगर विकासमंत्री आजम खान के फार्महाउस से चोरी हुई सात भैंसों की तलाश के लिए पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान चला रखा था।

खास बात यह है कि इस अभियान का नेतृत्व खुद पुलिस अधीक्षक (एसपी) साधना गोस्वामी कर रही थीं। मंत्री जी की भैंसों की तलाश में जिले की पुलिस ही नहीं, बल्कि क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया था। कैबिनेट मंत्री के तबेले से भैंसों की चोरी की सूचना मिलते ही एसपी साधना गोस्वामी और सीओ आले हसन खां मौके पर पहुंच गए थे। क्राइम ब्रांच और डॉग स्क्वॉयड भी बुलाया गया था। मुआयना करने के दौरान पुलिस को जानवरों के पैरों के निशान मिले, जिनका पीछा करते हुए एसपी समेत पुलिस वाले पांच किलोमीटर तक जंगलों में खाक छानते रहे।

काफी मशक्कत के बाद आखिरकार यूपी पुलिस ने आजम की भैंसों को खोज निकाला। लंबे सर्च ऑपरेशन भैंसें दो फरवरी को बरामद कर ली गई हैं।

दारोगा और दो कांस्टेबल हुए थे लाइन हाजिर

पुलिस अधीक्षक साधना गोस्वामी ने रात में गश्त करने वाले दारोगा सुनील कुमार, कांस्टेबल अजय कुमार और विपिन कुमार को लाइन हाजिर कर दिया था। फिलहाल मामले ने सियासी मोड़ ले लिया है। विरोधियों ने बयानों के वार शुरु कर दिए हैं कि सपा के गढ़ में ही लुटेरों की बल्‍ले-बल्‍ले है, जो अब खुलकर बड़ों-बड़ों का ही चूना लगाने लगे हैं।

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