10 साल पहले जैसे बाप को गोलियों से भूना, ठीक उसी तरह बेटे को
साल 2006 में संजय मिश्रा के पिता डॉक्टर हरिशंकर मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का कारण ब्लॉक प्रमुख चुनाव था।
हरदोई। सपा सांसद नरेश अग्रवाल के बेहद करीबी और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नितिन अग्रवाल के प्रतिनिधि संजय मिश्रा की हरदोई के सुरसा क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई। संजय मिश्रा ब्लॉक प्रमुख भी रह चुके थे। इस हत्या में राजनीतिक रंजिश सामने आई है जो 10 साल पहले शुरु हुई थी जब साल 2006 में संजय मिश्रा के पिता डॉक्टर हरिशंकर मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का कारण ब्लॉक प्रमुख चुनाव था। इस हत्या में आरोपी राजू सिंह को बनाया गया था।

बताया गया था कि ब्लॉक प्रमुख चुनाव से पूर्व बीडीसी पद पर हरिशंकर मिश्र की पत्नी ओमवती राजू सिंह की पत्नी शकुंतला चुनाव जीत चुकी थी। दोनों ही प्रमुख पद की दावेदार थीं। हरिशंकर मिश्र की मौत के बाद उनकी पत्नी व संजय मिश्रा की मां ओमवती को प्रमुख चुनाव चुना गया था। इसके ठीक एक साल बाद राजू के भाई गणेश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गणेश का शव लखीमपुर में पाया गया था। गणेश की मौत को लेकर संजय मिश्रा सहित कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद से ही दोनों पक्षों में रंजिश ठन गई। नवंबर 2013 में डॉक्टर हरिशंकर मिश्र की हत्या का फैसला आया जिसमें राजू सिंह व रजनीश सिंह को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। वहीं राधेश्याम व कुछ अन्य लोगों को सजा सुनाई गई।
कैसे हुई थी संजय मिश्रा के पिता की हत्या
हरिशंकर मिश्रा की गोली मारकर उस समय हत्या कर दी गई थी जब वह चुंगी पर स्थित अपने निवास से निकलकर गाड़ी में बैठने जा रहे थे। उसी समय शूटरों ने मोटरसाइकिल से आकर बिल्कुल नजदीक से गोली मार दी थी। हत्या 315 बोर के असलाह से की गई थी। हरिशंकर मिश्रा को दो गोली लगी थी। पहली गोली पीछे से मारी गई थी जो फेफड़ों में फंस गई थी जबकि सामने से मारी गई गोली बाईं तरफ से सीने पर मारी गई थी जो दूसरी तरफ पीठ से निकल गई थी।

संजय मिश्रा की हुई थी रेकी
संजय मिश्रा की हत्या से पहले रेकी की गई थी। मास्टरमाइंड ने उनकी हर गतिविधि को काफी बारीकी से जाना। पूरे घटनाक्रम पर गौर करें तो सब कुछ है प्लानिंग के अनुसार ही हुआ प्रतीत होता है। पूर्व ब्लाक प्रमुख का निजी गनर मामा नामक युवक मंगलवार को ही छुट्टी पर गया था। बुधवार को छुट्टी थी लेकिन मांटेसरी स्कूल के बच्चे क्लास रूम में पढ़ रहे थे।












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