शिया धर्मगुरू के विरोध के बाद लखनऊ में मजलिसों पर लगी रोक खत्म, मोहर्रम की रस्मों पर प्रतिबंध को बताया था असंवैधानिक और गैरकानूनी
लखनऊ। मोहर्रम के दौरान बड़ी मजलिसों पर रोक लगाए जाने का शिया धर्मगुरू मौलाना कल्बे जवाद ने विरोध किया था। धर्मगुरू ने बयान जारी करते हुए कहा था कि मजलिस तो जरूर होगी भले उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए। लखनऊ जिला प्रशासन ने देर रात इमामबड़ा गुफरानमाब में मजलिस के लिए सशर्त अनुमति दे दी। मौलाना कल्बे जवाद ने पुराने लखनऊ में ताजिया बेचे जाने पर भी पुलिस की रोक का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि ताजिया हदिया (बिक्री) करने वालों को डराया धमकाया जा रहा है, यह असंवैधानिक और गैरकानूनी है।

लखनऊ पुलिस को सौंपा पत्र
कल्बे जवाद ने लखनऊ पुलिस को एक पत्र देते हुए कहा था, "यह डब्लूएचओ, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कोविड-19 को जारी किए गए दिशानिर्देशों के खिलाफ है। कोविड-19 प्रोटोकॉल पहले से लागू होने के बाद इस नई दिशानिर्देश को तुरंत रद्द किया जाना चाहिए।" शुक्रवार से 'मजलिस' के बाद थर्मल स्कैनिंग, सैनिटेशन, सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के साथ लोगों की संख्या 50 तक सीमित हो जाएगी।
'ताजिया बनाने से रोकना कानून के खिलाफ'
शिया धर्मगुरु ने कहा कि महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और कश्मीर की सरकारों ने केंद्र द्वारा जारी कोरोना वायरस दिशानिर्देशों का पालन करते हुए इमामबाड़ों के अंदर मजलिस की अनुमति दी है। जवाद और ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास सहित कई मौलवियों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ताज़िया निर्माताओं को धमकी दे रही है। उन्होंने कहा, ''ताज़िया बनाने वाले कई लोगों ने मुझसे शिकायत की है कि उन्हें ताज़िया बेचने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जो लोगों के अधिकारों और कानून के बिल्कुल खिलाफ है।''
प्रशासन ने सशर्त दी मजलिसों की इजाजत
लखनऊ प्रशासन ने शुक्रवार से शुरू हुए मुहर्रम के महीने में मजलिसों के आयोजन को सशर्त इजाजत दे दी है। कोरोना संकट के चलते यह मजलिसें ऑनलाइन ही होंगी। शहर के सात स्थानों पर एक हजरत और पांच अन्य व्यक्तियों की उपस्थिति के साथ मजालिस के आयोजन की अनुमति दी गई है। यह ऑनलाइन मजलिसें पहली मोहर्रम से लेकर दसवीं मुहर्रम तक चलेंगी। प्रशासन की तरफ की तरफ से इस बात की भी सख्त चेतावनी दी गई है कि मजलिसों में किसी भी तरह के धार्मिक उन्माद, सांप्रदायिकता और भड़काऊ वक्तव्य नहीं दिए जाएंगे। कोरोना प्रोटोकाॅल के उल्लंघन पर मजिलसों के इन्तजामियां के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।












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