लखनऊ में सेक्स रैकेट, हाईफाई कॉलगर्ल्स गिरफ्तार, एक रात की कीमत थी 50 हजार
लखनऊ। नफासत और नज़ाकत के शहर लखनऊ में जिस्मफरोशी का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। पुलिस ने सोमवार की देर रात शहर के पॉश इलाके गोमतीनगर से एक हाई प्रोफाइल रैकेट का पर्दाफाश किया। जिस्म का ये काला करोबार जिस घर में फल-फूल रहा था वो एक आईएएस अधिकरी का है। इस रैकेट का संचालक खुद को बसपा नेता होने का दावा भी कर रहा है। पुलिस ने मौके से जम्मू, गाजियाबाद और दिल्ली की तीन कॉलगर्ल सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया है।
मौके से लग्जरी गाडि़यां (होंडा सिटी, फॉरच्यूनर) के साथ आधा दर्जन महंगे मोबाइल फोन, 80 हजार रुपये नगद और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद की गई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि मकान आईएएस अधिकारी एके सिंह का है जो इलाहाबाद विकास प्राधिकरण के वीसी हैं। पुलिस को उसके खुफिया तंत्रों ने गोमतीनगर के विशाल खंड तीन स्थित एक मकान में जिस्मफरोशी किये जाने की सूचना दी थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने एक व्यक्ति को ग्राहक बनाकर वहां भेजा, जिसके बाद गिरोह का राजफाश हुआ।एसपी ट्रांसगोमती दिनेश यादव ने बताया कि सेक्स रैकेट की सूचना मिली थी। कई थानों की पुलिस टीम ने बंगले पर छापा मारा था। पुलिस के घुसते ही बंगले में हलचल मच गई। कमरों में मौजूद ग्राहक व कॉल गर्ल आपत्तिजनक स्थिति में मिले। काफी जद्दोजहद के बाद आरोपियों को काबू किया गया। पुलिस ने संचालक महेन्द्र पाल सिंह, आईएमआरटी के असिस्टेंट प्रोफेसर अनुराग सिंह, गार्ड, मैनेजर समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर सजती थी लड़कियों की मंडी
पुलिस ने बताया कि सेक्स रैकेट सोशल नेटवर्किंग साइट्स के जरिये संचालित किया जाता था। इन साइटों पर लड़कियों की फोटो और उसके सामने उनकी कीमत लिखी होती थी। वेबसाइट पर फोन नंबर समेत अन्य जानकारियां उपलब्ध थी। पुलिस ने बताया कि लड़कियों को दूसरे राज्यों से बुलाकर उन्हें हाई फाई इंतजामों के साथ लखनऊ के इसी बंगले में ठहराया जाता था। लड़कियां ग्राहकों को लुभाने के लिए हॉट फोटोशूट करवाती थीं जिसे वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाता था। पढ़ें: दिल्ली में धड़ल्ले से बिक रही है गोरी चमड़ी
1 लाख के पैकेज पर लखनऊ आती थीं कॉलगर्ल्स
मौके से जिन तीन कॉलगर्ल्स को पकड़ा गया है वो जम्मू, गाजियाबाद और दिल्ली की रहने वाली हैं। रैकेट का संचालक और खुद को बसपा नेता बताने वाला महेन्द्र पाल सिंह अलग-अलग एजेंटों के माध्यम से इन लड़कियों को 50 हजार से एक लाख रुपए तक के पैकेज पर लखनऊ बुलवाता था। एक युवती को 20 से 25 दिन तक रोका जाता था। उन्हें तबतक ग्राहकों के सामने परोशा जाता था जबतक उनपर हुए खर्च का तीन गुना ना निकल जाए। मतलब 1 लाख रुपये पैकेज देकर उन कॉलगर्ल्स से रैकेट का संचालक लगभग 3 लाख रुपये कमाता था।
फेसबुक और व्हाट्स एप पर होती थी लड़कियों की नुमाइश
वेबसाइट पर जो नंबर दिया गया था उसपर व्हाट्स एप भी अपडेट था। फोन करने वाले कस्टमर्स को इसी नंबर से व्हाट्स एप पर लड़कियों की हॉट फोटो भेजी जाती थी। जिसके बाद कस्टमर्स लड़कियों को पसंद कर व्हाट्स एप पर ही उनकी कीमत पूछ लिया करते थे।
इसके अलावा फेसबुक और ईमेल के माध्यम से भी कॉलगर्ल्स की सर्विस उपलब्ध करायी जाती थी। पुलिस इस रैकेट के तार राजधानी दिल्ली और अन्य बड़े शहरों से जोड़ रही है। पुलिस का कहना है कि कड़ी से कड़ी मिलायी जा रही है और जल्द ही एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया जायेगा।
शॉर्ट टाइम 6 हजार और फुल नाइट 50 हजार
पूछताछ में महेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि वह ग्राहकों से 6 से 50 हजार रुपए तक वसूलता था। ग्राहकों के ठिकाने पर लड़की भेजने की सूरत में मोटी रकम वसूली जाती थी। महेन्द्र ने बताया शहर के कई रसूखदार, अधिकारी, व्यापारी समेत प्रतिष्ठित संस्थानों के छात्र उसके अड्डे पर आते हैं। ग्राहकों की सुविधा के लिए बंगले पर ही शराब, बीयर आदि परोसी जाती थी। दो कमरों से शराब व बीयर की बोतलें मिली हैं।













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