राजनाथ सिंह बोले- चाहे कितना ताकतवर देश हो, भारत को छेड़ेगा तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं
लखनऊ, 14 नवम्बर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में कहा कि हम दुनिया को ये संदेश देने में सफल हुए हैं कि चाहे कितना भी ताकतवर देश हो अगर उसने भारत को छेड़ने की कोशिश की तो भारत उसे नहीं छोड़ेगा। रक्षा मंत्री लखनऊ में अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के सिल्वर जुबली समारोह में बोल रहे थे।

रक्षा मंत्री ने कहा कि आज भारत को दुनिया के सबसे मजबूत देशों में से एक माना जाता है। इस सच्चाई से कोई इनकार नहीं कर सकता कि दुनिया के सामने भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। उन्होंने आगे कहा कि हम धीरे-धीरे यह संदेश देने में सफल हुए हैं कि कोई भी हो दुनिया का सबसे ताकतवर देश हो, अगर किसी ने भारत के साथ कुछ किया तो भारत उसे छोड़ने वाला नहीं है। यह भरोसा लोगों के अंदर आया है।
उन्होंने कहा कि हम अपने सशस्त्र बलों के हाथ कभी नहीं बांधेंगे। उन्हें निर्णय लेने होते हैं। हम उनके फैसले के साथ खड़े होंगे, चाहे कुछ भी हो। यह मैं रक्षा मंत्री के रूप में कहता हूं। अनजाने में फैसला गलत निकला तो भी हम अपने जवानों के साथ खड़े होंगे।
'पाकिस्तान अब तोड़ देगा आतंक से संबंध'
पाकिस्तान का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने बताया कि ये भारत का ही दबाव है कि आज पड़ोसी देश आतंकवाद से अपने संबंध तोड़ने की घोषणा कर रहा है। उन्होंने कहा पाकिस्तान जो 1971 और 1999 में हमसे दो बार युद्ध हारा है, उसे अब आतंकवाद से अब अपने संबंध तोड़ने होंगे। रक्षा मंत्री के रूप में मैं आपको बता रहा हूं कि उन्होंने घोषणा की है कि वे आतंकवाद को शरण नहीं देंगे।
पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया। उन्होंने कहा "लोग कहते थे कि केवल अमेरिका और इजराइल के पास ही आतंकवाद से लड़ाई कर सकते हैं लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। आज दुनिया यह विश्वास करने लगी है भारत के पास भी आतंकवाद से लड़ने की ताकत है। हमने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक की है। किसी ने इसकी उम्मीद नहीं की थी।
चीन को मिल गया संदेश- राजनाथ
रक्षा मंत्री ने बिना नाम लिए चीन पर निशाना साधते हुए कहा "हमारा एक और पड़ोसी है। आप इसे अच्छी तरह से जानते हैं, इसका नाम लेने की जरूरत नहीं है। सबके साथ मनमानी करने का मन बना लिया है। कई देशों ने इसका विरोध नहीं किया जैसा उन्हें करना चाहिए था। पहले हमारी स्थिति ऐसी ही थी लेकिन 2014 के बाद स्थिति बदल गई है। इस बार हमारे जवानों ने उस पड़ोसी को संदेश भेज दिया है। मुझे दुख है कि कुछ राजनीतिक दल हमारे जवानों की बहादुरी पर सवाल उठाने की कोशिश करते हैं।












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