Primary School UP: योगी सरकार का बड़ा फैसला, मर्ज स्कूल होंगे अनपेयर, अब बाल वाटिका योजना की शुरुआत
Primary School UP: उत्तर प्रदेश में प्राइमरी स्कूलों के मर्जर को लेकर लंबे समय से उठ रही चिंताओं और विरोध के बीच राज्य सरकार ने अब एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। सरकार ने साफ किया है कि एक किलोमीटर से ज्यादा दूर किसी भी स्कूल को मर्ज नहीं किया जाएगा।
साथ ही, जिन स्कूलों में 50 से अधिक छात्र पढ़ते हैं, उन्हें भी अब बंद या मर्ज नहीं किया जाएगा। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने साफ किया कि जिन स्कूलों का मर्जर पहले ही हो चुका है, उनमें से भी कई को "अनपेयर" किया जाएगा यानी उनका मर्जर रद्द कर दिया जाएगा।

सरकार की मंशा है कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न हो और किसी को अपने स्कूल तक पहुँचने में परेशानी का सामना न करना पड़े। मंत्री ने बताया कि मर्जर के बाद जो स्कूल बिल्डिंग खाली हो रही हैं, उनमें अब 'बाल वाटिका' की शुरुआत की जाएगी।
इन स्कूलों में 3 से 6 साल के बच्चों के लिए प्रारंभिक शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी और इसके लिए विशेष पाठ्यक्रम भी तैयार कर लिया गया है। लोक भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री द्वारा इस बारे में गुरुवार को मीडिया के लोगों को जानकारी दी गई।
स्कूलों के मर्जर पर यू-टर्न
शिक्षा मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि किसी भी स्कूल को पूरी तरह से बंद नहीं किया जाएगा और न ही किसी शिक्षक का पद समाप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार छात्र-शिक्षक अनुपात का पूरा ध्यान रखेगी और जरूरत पड़ने पर नए शिक्षकों की भर्ती भी की जाएगी।
बाल वाटिका के संचालन के लिए सरकार ने जेम पोर्टल के माध्यम से करीब 18 हजार एजुकेटर्स की भर्ती की है। ये सभी शिक्षण गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रशिक्षित होंगे। सरकार महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सहयोग से इस योजना को धरातल पर उतारेगी।
कोर्ट तक पहुँची थी मर्जर की लड़ाई
मर्जर के पुराने आदेश के खिलाफ सीतापुर की छात्रा कृष्णा कुमारी समेत कई बच्चों ने हाईकोर्ट का रुख किया था। बच्चों का कहना था कि एक किलोमीटर से दूर स्कूल में जाना छोटे बच्चों के लिए खतरनाक और मुश्किल है। यह उनके शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है।
हालांकि हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने पहले सरकार के फैसले को सही ठहराया था। लेकिन डबल बेंच में दाखिल नई याचिकाओं के बाद कोर्ट ने सीतापुर के 210 स्कूलों में से 14 स्कूलों के मर्जर पर रोक लगा दी। अब सरकार ने भी इस दिशा में नरमी दिखाते हुए फैसले की समीक्षा शुरू कर दी है।
अब मॉडल स्कूलों की ओर बढ़ेगी सरकार
यूपी सरकार अब शिक्षा सुधार को एक नई दिशा देने जा रही है। राज्य के हर जिले में मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय खोले जा रहे हैं। इन स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई के लिए आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। हर स्कूल को अपग्रेड करने पर 1.42 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, सीसीटीवी, ओपन जिम, कंप्यूटर लैब, स्वच्छ पेयजल, डायनिंग हॉल जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और तकनीकी शिक्षा एक ही परिसर में मिल सके।
इसके अलावा, हर जिले में एक मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल (कक्षा 1 से 12) की स्थापना की जाएगी। इन स्कूलों में कम से कम 1500 छात्रों के लिए सुविधाएं तैयार की जाएंगी और इस पर लगभग 30 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है।












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