मां-बाप दोनों नौकरी में तो एक की मृत्यु पर नहीं मिलेगी नौकरी
इलाहाबाद। मृतक आश्रित कोटे में नौकरी देने पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अगर मां-बाप दोनों नौकरी में हैं तो एक की मृत्यु पर नौकरी नहीं दी जाएगी।
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एकल जज की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि मां की मृत्यु होने पर वह यह नहीं कह सकता है कि वह केवल मां का आश्रित था। ऐसे में कोर्ट ने बेटे की याचिका को खारिज कर दिया।
संतोष कुमार भारती ने कोर्ट में अपील की थी कि उनकी मां कौशल्या देवी सीनियर प्राइमरी स्कूल में प्रधानाचार्या थी और वह तलाकशुदा थी और उनका निधन सेवाकाल में ही हुआ। ऐसे में उसने मृतक आश्रित कोटे से नौकरी दिये जाने की अपील की थी।
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लेकिन विभाग ने संतोष की याचिका को यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि याची के पिता राम नगीना जीवित हैं और वह सरकारी कर्मचारी हैं, ऐसे में पिता के नौकरी में रहते हुए उन्हें मृतक आश्रित कोटे में नौकरी नहीं दी जा सकती है।












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