उत्तर प्रदेश में मायावती की रोटी छीनने निकले मुलायम सिंह
लखनऊ। पिछड़ों, अति पिछड़ों के साथ ही उत्तर प्रदेश में दलितों को जोड़ने के लिए समाजवादी पार्टी अब राज्य में दलित सम्मेलन आयोजित करेगी। यह तैयारी है 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव की, जिसमें मायावती की रोटी यानी दलित वोटबैंक को छीनने की हर संभव कोशिश मुलायम करेंगे।
इन सम्मेलनों की जिम्मेदारी सपा अनुसूचित जाति, जनजाति प्रकोष्ठ निभाएगा। संगठन ने प्रदेश के हर मंडल में दलित सम्मेलन आयोजित करने का फैसला लिया है। इसकी शुरुआत 28 जून को मुलायम के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ से होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 15 जुलाई को सपा दलितों के बीच अपनी पैठ मजबूत करेगी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी शामिल होंगे। आजमगढ़ और वाराणसी में होने वाले सम्मेलनों का निर्णय सपा अनुसूचित जाति जनजाति प्रकोष्ठ की राज्य कार्यकारिणी और पूरे प्रदेश के जिला कमेटियों के अध्यक्षों, महासचिवों की बैठक में लिया गया। [यूपी की कैदी लड़कियों ने तैयार किये डिजाइनर कपड़े, पहनेंगी युक्ता मुखी]
सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी के मुताबिक, गुरुवार को हुई बैठक में तय किया गया कि राज्य के हर मंडल में दलित सम्मेलन होगा, जिसकी शुरुआत आजमगढ़ में पहला दलित सम्मेलन कर की जाएगी। इसमें पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव के प्रतिनिधि के रूप में बदायूं के सांसद व पार्टी के वरिष्ठ नेता धर्मेद्र यादव शामिल होंगे। इसके बाद वाराणसी में भी इसी तरह का सम्मेलन होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।













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