यूपी में 1.5 लाख मदरसे के छात्रों का भविष्य अधर में लटका
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मदरसों में पढ़ने वाले डेढ़ लाख छात्रों के भविष्य पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है। इन छात्रों की आगे की पढ़ाई पर ग्रहण लग गया है।

मदरसा बोर्ड के करीब डेढ़ लाख छात्रों की मार्कशीट में गड़बड़ी की वजह से उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए कॉलेज और यूनिवर्सिटी में दाखिला नहीं मिल पा रहा है। छात्रों की मार्कशीट में गलत जन्मतिथि और नाम की वजह से छात्रों को दाखिला नहीं मिल पा रहा है। वहीं मार्कशीट में सुधार के लिए अब इन छात्रों को मदरसों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
लेकिन छात्रों के सामने जो बड़ी दिक्कत है वह यह है कि मदरसा बोर्ड ने सिर्फ 40 हजार छात्रों की मार्कशीट में गलती स्वीकार की है। मदरसा बोर्ड के चेयरमैन प्रो. जैनुस्साजिदीन ने बताया कि रजिस्ट्रार मोहम्मद तारिक को मार्कशीट में खामियों को सही करने का जिम्मा दिया गया है।
गौरतलब है कि मदरसा शिक्षा परिषद की मुंशी-मौलवी, आलिम, कामिल और फाजिल की परीक्षाओं में चार लाखि से अधिक छात्रों ने दाखिला लिया था। इन छात्रों के फॉर्म को अपलोड करनी की जिम्मेदारी एक निजी संस्था को दी गयी थी।
परीक्षा में तकरीबन 3.75 लाख छात्र परीक्षा देने के लिए पहुंचे जिनमें से 50 हजार छात्रों को एडमिट कार्ड ही मुहैया नहीं कराया गया। यही नहीं कई खामियों के चलते हजारों छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो पाये। वहीं जब परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया तो इसमें 50 फीसदी मार्कशीटों में गड़बड़ी सामने आयी। जिसके चलते इन छात्रों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।












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