अवध की शाम में गुलाम अली की आवाज का हंगामा नहीं बरपा
लखनऊ। तमाम विवादों और विरोध के बाद पाकिस्तान के गजल गायक गुलाम अली ने रविवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपनी रुहानी आवाज से लोगों का दिल जीत लिया।

कई गजलों सेे सजायी महफिल
लखनऊ महोत्सव का समापन गुलाम अली ने अपनी गजलों से किया। तकरीबन एक घंटे तक गुलाम अली ने अपने गीतों से लोगों का दिल जीता। इस दौरान उन्होंने कोई दीवार सी गिरी है सहित कई गजलें गायी।
इस दौरान गुलाम अली ने, इश्क मुझको नहीं वहशत ही सही, करूं न याद मगर किस तरह भुलाऊं उसे, दिल में इक लहर सी उठी है अभी, हम तेरे शहर में आए हैं मुसाफिर की तरह, चुपके चुपके रात दिन, हंगामा है क्यूं बरपा जैसी गजलें सुनायी।

सीएम अखिलेश ने किया गर्मजोशी से स्वागत
वहीं कार्यक्रम से पहले गुलाम अली ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी मुलाकात की। अखिलेश यादव ने गुलाम अली का गर्मजोशी से स्वाागत किया।
हिंदू सेना के विरोध का भी करना पड़ा सामना
गुलाम अली को हिंदू सेना का विरोध भी झेलना पड़ा, हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं ने गुलाम अली के विरोध में नारे लगाये जिसके बाद हिंदू सेना के जिला अध्यक्ष अंबुज निगम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
अनुपम विवाद पर भी बोले
हाल ही में अनुपम खेर को पाकिस्तान का वीजा नहीं मिलने पर उठे विवाद पर गुलाम अली ने कहा कि उस विवाद को मुझसे जोड़ना गलत है। मेरी वजह से उनको वीजा नहीं दिया जाना गलत बात है। अनुपम को वीजा नहीं दिये जाने की दूसरी वजहें हैं।
अरिजीत सिंह हैं बड़ी उम्मीदें
मुंबई और दिल्ली में गुलाम अली के कार्यक्रम का विरोध होने के बाद गुलाम अली दो बार लखनऊ में अपना कार्यक्रम दे चुके हैं। गुलाम अली ने भारत के गायकों की भी तारीफ की उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में वह अरीजीत सिंह को काफी प्रतिभाशाली मानते हैं।












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