मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना शुरू: आपकी बेटी के जन्म से पढ़ाई तक का इंतजाम करेगी सरकार
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार ने लड़कियों के लिए 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' की शुरुआत की है। इस योजना के तहत तीन लाख से कम वार्षिक आय वाले परिवारों को बेटी पैदा होने और शिक्षा के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी एवं यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने धनतेरस के अवसर पर इस योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शास्त्रों में वर्णित है कि धन और ऐश्वर्य तब आएगा, जब व्यक्ति स्वस्थ्य होगा। हमने धनतेरस के दिन राज्य में जन्म लेने वाली बेटियों के लिए 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' शुरू की है। इसके जरिए बेटियों के जन्म से लेकर पढ़ाई तक का इंतजाम सरकार करेगी।

बेटी के परिवार के पास यूपी के स्थाई निवास के कागजात जरूरी
'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' का लाभ वही परिवार ले सकेंगे, जिनकी वार्षिक आय अधिकतम तीन लाख रुपए तक होगी। साथ ही उनके पास उत्तर प्रदेश का स्थायी निवास प्रमाण पत्र होना जरूरी है। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि उक्त परिवार की अधिकतम दो बेटियों को इस योजना का लाभ मिल सकेगा। रकम छह श्रेणियों में मुहैया कराई जाएगी।

पात्र को इस तरह मिलेगा पैसा
प्रथम श्रेणी की रकम बालिका के जन्म होने पर मिलेगी, जो कि दो हजार रुपए है। इसके बाद द्वितीय श्रेणी में एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण पर एक हजार रुपए दिए जाएंगे। फिर, तृतीय श्रेणी के तहत कक्षा एक में प्रवेश पर दो हजार रुपए। उसके बाद चतुर्थ श्रेणी के तहत कक्षा पांच में प्रवेश पर दो हजार रुपए। पंचम श्रेणी में कक्षा 9 में प्रवेश पर तीन हजार रुपए और फिर षष्ठम श्रेणी के तहत 10वीं/12वीं पास करके स्नातक या डिप्लोमा कोर्स करने पर पांच हजार रुपए रुपए मिलेंगे।

इस तरह कर सकते हैं आवेदन
इस योजना में वेबसाइट https://mksy.up.gov.in/women_welfare/index.php पर ऑनलाइन आवेदन जनसुविधा केंद्र या सीएससी सेंटर से किया जा सकता है। इसके अलावा अपने फार्म भरकर खंड विकास अधिकारी, एसडीएम, जिला परिवीक्षा अधिकारी, उपमुख्य परिवीक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा कर सकते हैं।

जुड़वा बेटी हों तो 3 को मिलेगा लाभ
सरकार ने साफ कहा है कि अगर पहली बेटी के बाद जुड़वा बेटी होती हैं तो तीन बेटियों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। संयोगवश, माता-पिता दोनों की मौत हो जाए तो राशि बेटी के खाते में डाली जाएगी।

अब तक हुए चार लाख पंजीकरण
योजना शुरू होने के 24 घंटों के अंदर ही चार लाख से ज्यादा आवेदकों ने पंजीकरण करा दिया। जिनमें दो लाख आवेदकों के फार्म ऑनलाइन फीड किए। अधिकारियों का कहना है कि कन्या सुमंगला योजना के लिए ऑनलाइन फार्म न भर पाने वालों से सरकार ऑफलाइन फार्म भी स्वीकार करेगी।












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