लखनऊ में फोर लेन ग्रीन कोरिडोर, टाटा कंसल्टेंसी जल्द शुरू करेगी DPR बनाने का काम
लखनऊ, 25 मई। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नदी किनारे बसे इलाकों में आवाजाही को आसान करने का रोडमैप बन चुका है। इसके लिए गोमती नदी पर ग्रीन कोरिडोर बनाकर शहर के एक छोर से दूसरे छोर को जोड़ने की योजना है। इसके लिए देश की दिग्गज आईटी कंपनियों में शुमार टाटा कंसल्टेंसी को फोर लेन ग्रीन कोरिडोर के डिजाइन और डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। टाटा जल्द ही 20 किमी लंबे प्रोजेक्ट के लिए साइट सर्वे शुरू करेगी।

नौ महीने में करना होगा पूरा काम
टाटा कंसल्टेंसी पांच साल के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के प्रोजेक्ट आर्किटेक्ट सलाहकार के तौर पर काम करेगी। ग्रीन कोरिडोर के लिए टाटा को 9 महीने के अंदर काम पूरा करना होगा। प्रोजेक्ट के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण टाटा को 9.8 करोड़ का भुगतान करेगा।
2078 करोड़ प्रस्तावित
गोमती नदी के किनारे दोनों छोर पर चार लेन के ग्रीन कॉरिडोर के साथ ही मनोरंजन पार्क, व्यावसायिक हब, होटल आदि भी बनाए जाने का प्रस्ताव है। ग्रीन कोरिडोर की इस योजना में 2078 करोड़ रुपये खर्च होना प्रस्तावित है। 20 किलोमीटर की लंबाई में बनने वाले ग्रीन कोरिडोर का निर्माण दो भागों में किया जाएगा।
पहला भाग आईआईएम से शहीद पथ तक रहेगा जबकि दूसरा भाग शहीद पथ से किसान पथ को जोड़ेगा। दोनों ओर 24 मीटर चौड़ाई में बंधे के ऊपर चार लेन की सड़क होगी।
50 लाख आबादी होगी लाभान्वित
इस प्रोजेक्ट के तैयार होने के बाद शहर में बेहतरीन आवाजाही के लिए रोडमैप को विस्तार मिलेगा जिसके चलते पूरे लखनऊ की 50 लाख की आबादी लाभान्वित होगी।












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