flashback 2020: राम मंदिर की नींव से लेकर लव जिहाद कानून तक, सालभर इन वजहों से चर्चा में रहा यूपी
लखनऊ। साल 2020 खत्म होने वाला है। इसी के साथ नए साल 2021 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। यूं तो ये साल कोरोना वायरस की वजह से हमेशा याद रखा ही जाएगा, लेकिन कुछ और भी ऐसी घटनाएं है जिनकी वजह से ये साल हमेशा याद किया जाएगा। हम आपको कुछ ऐसी ही घटनाओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी वजह से उत्तर प्रदेश सालभर चर्चा में रहा।

पीएम मोदी ने रखी श्रीराम मंदिर की नींव
अयोध्या में भव्य राम मंदिर का सपना सच हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2020 को विधि विधान के साथ राम मंदिर की नींव रखी। काशी के प्रकांड तीन विद्धानों ने भूमि पूजन का अनुष्ठान शुरू किया। पीएम मोदी को यजमान के तौर पर संकल्प दिलाया गया और गणेश पूजन के साथ भूमि पूजन किया गया। इस मौके पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत मौजूद रहे। पुरोहितों ने प्रधानमंत्री से विधिवत पूजा अर्चना कराई। इस दौरान चांदी की नौ शिलाओं का पूजन किया गया। इसके बाद पीएम मोदी ने साक्षात दंडवत कर देश की तरक्की और कोरोना के नाश का वरदान प्रभु श्रीराम से मांगा। भूमि पूजन कार्यक्रम के बाद हर हर महादेव, जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारे लगाए गए।
अयोध्या में दीपोत्सव
श्रीराम की नगरी अयोध्या में सरयू के तट पर विराट, भव्य प्रकाशनमान आयोजन ने विश्व कीर्तिमान बना दिया है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने इस आयोजन को दर्ज करके इसकी सूचना दी। दीपोत्सव में 6 लाख 6 हजार 569 मिट्टी के दीए 5 मिनट से अधिक समय तक प्रज्जवलित किए गए। इस दीपोत्सव से रामनगरी प्रकाशमान हो उठी। अयोध्या में 'दीपोत्सव' समारोह ने सरयू नदी के तट पर मिट्टी के दीपक जलाए जाने के बाद 'तेल के सबसे बड़े प्रदर्शन' के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का रिकॉर्ड बनाया है। 492 साल बाद श्रीरामलला विराजमान प्रांगण में दीप जलने के बाद 13 नवंबर 2020 का दिन लोगों के लिए बेहद यादगार बन गया। 492 वर्ष के लंबे इंतजार के बाद इस बार पहला अवसर था जब श्रीरामजन्मभूमि स्थल पर दीप जलाए गए।
बिकरू कांड और गैंगस्टर विकास दुबे का एनकाउंटर
कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र स्थित बिकरू गांव में 2 जुलाई की रात दिल दहला देने वाली वारदात हुई। गैंगस्टर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसवालों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उनकी जान ले ली। विकास दुबे ने पूरी तैयारी के साथ चारों ओर से घेर कर पुलिस पर हमला किया था। पुलिस की गाड़ियों का रास्ता रोकने के लिए रास्ते में जेसीबी मशीन खड़ी करवा दी। इस घटना ने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचा था। वारदात के बाद फरार विकास दुबे पर पुलिस ने पांच लाख रुपए का इनाम रखा। कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई। धीरे-धीरे पुलिस विकास के गुर्गों का खात्मा करती गई। उधर, विकास ने एमपी में नाटकीय ढंग से पकड़ा गया। यूपी पुलिस उसे वापस ला रही थी, रास्ते में गाड़ी पलटी और विकास ने भागने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस की गोली से विकास ढेर हो गया। पुलिस के इस एनकाउंटर पर काफी सवाल उठे।
हाथरस गैंगरेप मामला
14 सितंबर 2020 को हाथरस में दलित युवती से गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया। हैवानों ने न सिर्फ गैंगरेप किया, बल्कि युवती के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। इस मामले में यूपी पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए गए। जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही युवती ने 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसके बाद यूपी पुलिस ने देर रात करीब 2:30 बजे पीड़िता का अंतिम संस्कार कर भी दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जबरन उनकी बेटी के शव को जला दिया। पुलिस का ये रवैया सवालों के घेरे में रहा। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
'लव जिहाद' का कानून
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की सरकार ने विधानसभा उपचुनाव के दौरान ऐलान किया था कि प्रदेश में 'लव जिहाद' को लेकर एक कानून लाया जाएगा। 24 नवंबर कैबिनेट बैठक में 'गैर कानूनी धर्मांतरण विधेयक' को मंजूरी दी। 28 नवबंर 2020 को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इस अध्यादेश मंजूरी दे दी। यूपी सरकार ने कहा कि इस कानून का मकसद महिलाओं को सुरक्षा देना है।












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