फरहान अख्तर ने पीएमओ से लिया था पंगा, सीबीआई ने दबोचा
लखनऊ। लखनऊ के इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिले के लिए एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री कार्यालय को फर्जी ज्वाइंट सेक्रेटरी होने का दावा कर डाला है। इस सख्श को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है।

फर्जी तरीके से तत्कालीन ज्वाइंट सेक्रेटरी के लेटर पैड पर लखनऊ की इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए पीएमओं को पत्र भेजा था। लखनऊ की इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए तत्कालीन ज्वाइंट सेक्रेटरी संजय मित्रा के लेटर पैड पर 31 जनवरी 2010 को संस्तुति का पत्र कॉलेज को भेजा गया और फरहान को एडमीशन मिल गया।
जब इस पत्र की सच्चाई पर कॉलेज को शंका लगी तो यूनिवर्सिटी के वीसी एसडब्ल्यू अख्तर ने इस बाबत पीएमओ को जानकारी दी। वीसी की इस जानकारी के बाद पीएमओ ने ज्वाइंट सेक्रेटरी के लेटर पैड को फर्जी करार दिया। जिसके बाद आरोपी फरहान अख्तर के खिलाफ 2011 में तत्कालीन पीएमओ में तैनात स्पेशल ड्यूटी ऑफिसर केएल ढींगरा को इसकी जानकारी दी गयी। तभी फरहान फरार हो गया।
सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज कर खोजबीन शुरु कर दी। इधर 2014 के चुनाव के बाद पीएमओ का स्टाफ बदल गया। पीएम मोदी के आते ही मामले की कार्रवाई तेज़ कर दी गई। और अंतत: सीबीआई की टीम ने फरहान अख्तर को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया। फरहान को लखनऊ लाया गया है और अब उसे लखनऊ के सीबीाई कोर्ट में पेश किया गया है। कार्रवाई जारी है।












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