विवादों से लंबा नाता रहा है दीपक सिंघल का
लखनऊ। यूपी के मुख्य सचिव दीपक सिंघल को महज तीन महीने के भीतर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उनके पद से हटा दिया और उनकी जगह राहुल भटनागर को प्रदेश का नया मुख्य सचिव बनाया है। दीपक संघल को धाकड़ प्रशासनिक अधिकारी माना जाता है लेकिन आरोपों से सिंघल भी खुद को बचा नहीं पाए हैं। दीपक सिंघल का कई विवादों से नाता रहा है। वह 1982 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और सात जुलाई 2016 को उन्हें आलोक रंजन के सेवानिवृत्त होने के बाद प्रदेश का मुख्य सचिव बनाया गया था।

छवि साफ करने के लिए उठाया कदम
लेकिन जिस तरह से उन्हें तीन महीने के भीतर उनके पद से हटाया गया है उसके पीछे उनके विवादों को भी एक अहम वजह माना जा रहा है। यूपी में चुनाव की तारीखों के करीब आने के साथ ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पार्टी की साफ छवि लेकर चुनावी मैदान में जाना चाहते हैं, इसी के चलते वह तमाम ऐसे दागी नेताओं, मंत्रियों व अधिकारियों की छुट्टी कर रहे हैं जो पार्टी के लिए आगामी चुनाव में मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।
चीनी मिलों के घोटाले में भी नाम
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के कार्यकाल में दीपक सिंघल चीनी मिलों के घोटाले में फंसे थे, जिसके चलते चीनी मिल में घोटाले को लेकर जांच भी शुरु हुई थी। तमाम सरकार के आने जाने के साथ ही उनके खिलाफ जांच कभी शुरु हुई तो कभी बंद हुई।
करीबियों की मदद का भी लगा था आरोप
दीपक सिंघल को अमर सिंह का भी करीबी माना जाता है। सिंघल और अमर सिंह के बीच शुगर आवंटन, एसईजेड के टेंडर समेत कई ठेकों पर बातचीत का टेप भी लोगों के सामने आया था। इस मामले में अभी भी समाज सेविका नूतन ठाकुर जांच की मांग कर रही हैं।
10 भ्रष्ट अधिकारियों की सूची में आया था नाम
इसके अलावा दीपक सिंघल पर तमाम भ्रष्टाचार के आरोप भी लग चुके है। उनका नाम प्रदेश के 10 सबसे भ्रष्ट अधिकारियों की लिस्ट में भी आया था। सिंघल पर आरोप था कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों की कंपनी को काली सूचि से निकालकर फिर से सुचारू करने में मदद की थी।












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