मतदान करने से वंचित रह सकते हैं तीन दर्जन बीडीसी सदस्य!
बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में ब्लाॅक प्रमुखी चुनाव की तिथि घोषित होते ही क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) सदस्यों के धर-पकड़ करने के आरोप सत्तापक्ष पर लगने शुरू हो गए हैं। बिसंड़ा ब्लाॅक के तीन दर्जन से अधिक सदस्यों के जीत प्रमाण पत्र कथित तौर पर एक दबंग के कब्जे में होने का आरोप लगाया है। ऐसे में वह मतदान में भाग लेने से वंचित हो सकते हैं।
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रविवार को ब्लाॅक परिसर बिसंड़ा में बनाए गए मतदान केन्द्र के बाहर करीब तीन दर्जन क्षेत्र पंचायत सदस्य इस ताक में बैठे हैं कि उनके जीत प्रमाण पत्र वापस हों और वह मतदान में भाग ले सकें। चैंसड़ से सदस्य रमेश कुशवाहा ने बताया कि ‘करीब तीन दर्जन सदस्यों शोभावती, रामदेवी, राकेश, रामकिशोर, अरविंद, बाला प्रसाद, रामपूजन, सरस्वती देवीदयाल, जगन्नाथ आदि के जीत प्रमाण पत्र सपा समर्थित एक दबंग बहुत पहले अपने कब्जे में ले चुका है और वह सपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने की हामी न भरने पर वापस नहीं कर रहा है।' इस सदस्य ने बताया कि ‘एक दर्जन से अधिक सदस्य उप जिलाधिकारी अतर्रा को इस बावत संयुक्त हस्ताक्षरित शिकायती पत्र दिया है, लेकिन दोपहर तक भी प्रमाण पत्र वापस नहीं मिले।'
अपर जिलाधिकारी/जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी बांदा दयाशंकर पांड़ेय का कहना है कि ‘मतदान पूर्व सभी सदस्यों की फोटोयुक्त मतदाता सूची बनाई गई है, जिस मतदाता के पास जीत प्रमाण पत्र नहीं होगा, उसका मत सूची से मिलान कर डलवाया जाएगा।'
सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी जीत प्रमाण पत्र देख कर ही सदस्य को मतदान केन्द्र के अंदर जाने की इजाजत दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में तो करीब तीन दर्जन सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग ही नहीं कर पाएंगे।












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