कुली मुजीबुल्लाह: चारबाग स्टेशन पर प्रवासियों को दे रहे फ्री सेवा, 80 की उम्र में उठा सकते हैं 50 किलो सामान

लखनऊ। बाबा नाम क्या है आपका? सवाल पूछते ही चारबाग रेलवे स्टेशन पर बैठे बुजुर्ग तुरंत पूरे जोश के साथ जवाब देते हैं- मुजिबुल्लाह। इसके साथ ही वो अपने नाम की इंग्लिश स्पेलिंग भी बताते हैं- MUJIBULLHA। लॉकडाउन में वे चारबाग स्टेशन पर क्या कर रहे हैं? जवाब में तपाक से कहते हैं- सेवा! वे अपनी ड्रेस की तरफ इशारा कर अंग्रेजी में कहते हैं- कुली, आई एम कुली, फिर वो भारतीय रेलवे का दिया हुआ अपना आईकार्ड बढ़ाकर दिखाते हैं। आइए मिलते हैं 80 साल के इस बुजुर्ग मुस्लिम से जिनमें इस उम्र में भी इंसानियत और सेवा का जज्बा ऐसा भरा हुआ है जो दिल को छू लेनेवाला है।

प्रवासियों से पैसा नहीं लेते मुजीबुल्लाह

प्रवासियों से पैसा नहीं लेते मुजीबुल्लाह

बुजुर्ग मुजीबुल्लाह लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर कुली का काम करते हैं। लॉकडाउन के बाद लाखों प्रवासी उत्तर प्रदेश लौट आए हैं। चारबाग स्टेशन पर उनका सामान उठाते हुए मुजीबुल्लाह उनसे पैसे नहीं लेते। वो नि:शुल्क उनको सेवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं लोगों की फ्री सेवा कर रहा हूं। मेरी उम्र अभी 80 साल है लेकिन अभी भी 50 किलो सामान अपने सिर पर उठा सकता हूं। एक यूट्यूब चैनल ने मुजीबुल्लाह से बातचीत का वीडियो अपलोड किया है जिसमें वे अपने बारे में कभी हिंदी तो कभी अंग्रेजी में बता रहे हैं।

'1970 से कुली का काम कर रहा हूं'

उन्होंने बताया कि वे 1970 से इस स्टेशन पर कुली का काम रहे हैं। जब मेरे पिता नहीं रहे तब मैंने यह काम संभाला। ट्रेन से आए पैसेंजरों की सेवा करना मेरी ड्यूटी है। अपने परिवार के बारे में मुजीबुल्लाह ने बताया कि घर में उनकी बेटी, दामाद हैं जिनके पास वे रहते हैं। अंग्रेजी में वे कह रहे हैं- नॉट सन वनली वन डाउटर। दो नाती हैं- एक नाइन्थ क्लास में पढ़ता है, दूसरा सेवंथ में पढ़ता है, एक छोटी नातिन है। पत्नी के बारे में पूछे जाने पर मुजीबुल्लाह खुश होकर कहते हैं- वो मेरे ही पास रहती है और बहुत हैंडसम है।

'छह किलोमीटर चलकर पैदल आता हूं'

'छह किलोमीटर चलकर पैदल आता हूं'

मुजीबुल्लाह ने बताया कि लॉकडाउन में रोज वो पैदल चलकर चारबाग रेलवे स्टेशन आते-जाते हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन पर भी वो दिनभर राउंड मारते रहते हैं। कहा कि आठ घंटे में मैं मीलों पैदल चलता हूं। उम्र के बारे में पूछने पर बोले कि हूं तो 80 से ऊपर, ये आईकार्ड देखिए...। मेरी उम्र 80 समझ लो, 75 समझ लो कि 90 समझ लो। इसके बाद वे अंग्रेजी में कहते हैं- खुदा जब चाहेगा उसी वक्त इंसान फिनिश....

प्रियंका गांधी ने लिखी चिट्ठी

प्रियंका गांधी ने लिखी चिट्ठी

मुजीबुल्लाह के सेवाभाव की प्रशंसा करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उनको पत्र लिखा है। इस पत्र को रेलवे स्टेशन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुजीबुल्लाह को सौंपा। प्रियंका गांधी ने लिखा है कि - महामारी के खत्म होने के बाद जब इस दौर को याद किया जाएगा तो आपके योगदान को देश कृतज्ञता से याद करेगा।

Migrants Gather Outside Lokmanya Tilak Terminus In Mumbai To Return To Their Homes.
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