'मुकदमे वापस लेने का नाटक कर रही योगी सरकार', प्रियंका ने पूछा- किसके आदेश पर किया गया था अपमान?
'मुकदमे वापस लेने का नाटक कर रही योगी सरकार', प्रियंका ने पूछा- किसके आदेश पर किया गया था अपमान?
लखनऊ, 17 सितंबर: पराली जलाने के आरोप में योगी सरकार द्वारा किसानों पर मुकदमे दर्ज कराए गए थे, जिन्हें उन्होंने अब वापस ले लिया है। योगी सरकार के इस फैसले जहां सैकड़ों किसानों को रहात मिली है। तो वहीं, अब योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। कांग्रेस महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने इस मामले पर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। साथ ही, प्रियंका गांधी ने इसे सरकार का नाटक बताया है।

दरअसल, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में अब छह महीने से भी कम समय बचा है, ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा पराली जलाने के मुकदमे किसानों से वापस लेना सभी को चुनावी स्टंट लगा रहा है। तो वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने गुरुवार (16 सितंबर) को ट्वीट कर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर कटाक्ष किया है। साथ ही एक तस्वीर भी साझा की है, जिसमें पुलिसकर्मी किसान का कॉलर पकड़कर ले जाते हुए दिखाई दे रहे है।
प्रियंका गांधी द्वारा साझा किया गया यह फोटो उस वक्त का है, जब किसानों पर पराली जलाने के आरोप में मुकदमे दर्ज हुए थे। इतना ही नहीं, फोटो साझा करने के साथ प्रियंका गांधी ने कहा, 'जब उप्र सरकार पराली जलाने के लिए किसानों के साथ अपराधियों की तरह व्यवहार कर रही थी, उस वक्त कांग्रेस पार्टी ने कहा था कि किसान का धान- कानूनी व पराली-गैरकानूनी कैसे? चुनाव आते मुकदमे वापस लेने का नाटक करने वाली सरकार को बताना चाहिए कि किसानों का अपमान किसके आदेश पर किया गया था?'
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अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पत्र जारी
बता दें, बुधवार (15 सितंबर) को किसानों से मुकदमे वापस लेने के लिए उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी द्वारा लेटर जारी किया गया है। यह लेटर पुलिस आयुक्त, सभी डीएम और पुलिस अधीक्षकों को जारी किया है। लेटर में कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के उत्कर्ष के लिए कटिबद्ध है। साथ ही सरकार यह सुनिश्चित करती है कि किसान बिना किसी कठिनाई और भय के निरंतर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अपना अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान देते रहें। पत्र में कहा गया है कि प्रदेश सरकार की यह मंशा है कि कोविड 19 महामारी की विभीषिका के समय प्रदेश के कृषकों का सर्वोच्च हित सुनिश्चित करते हुए उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में किसानों के विरूद्ध परली एवं पराली जलाने के संबंध में भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा-188, 278, 290, एवं 291 के अन्तर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में दर्ज कुल 868 लघु प्रकृति के अभियोगों को राज्य की अर्थव्यवस्था तथा कृषकों के हित में अविलम्ब निसस्तारित कराया जाये।
सबसे ज्यादा मुकदमे लखीमपुर खीरी में दर्ज
पराली जलाने को लेकर यूपी के अलग-अलग जिलों में किसानों पर लगभग 868 मामले दर्ज हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 165 मुकदमा जिला लखीमपुरखीरी में दर्ज है। इसके अलावा महाराजगंज में 129, पीलीभीत 108, रायबरेली में 43, उन्नाव में 31, झांसी में 30 और हरदोई में 27 मामले दर्ज हैं. दूसरे जिलों में दर्ज मुकदमे भी वापस लिए जाएंगे। बता दें, पराली जलाने पर किसानों पर 2,500 से 15,000 रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया था। हालाकिं, अब उन पर लगा जुर्माना भी माफ होगा।












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