इधर यूपी में शीला दीक्षित बनी कांग्रेस की सीएम उम्मीदवार, उधर टैंकर घोटाले में हुई तलब
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने आखिरकार शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया। पार्टी के प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने आज इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है। तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहने के बाद अब शीला दीक्षित अगले वर्ष यूपी चुनाव में कांग्रेस का चेहरा होंगी। सीएम उम्मीदवार चुने जाने के बाद शीला दीक्षित ने कहा कि यह बड़ी चुनौती है लेकिन मैं पूरे आत्मविश्वास के साथ जाउंगी।
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मैं खुश होंगी अगर प्रियंका गांधी यूपी में प्रचार करती हैं। माना जा रहा है कि यूपी में ब्राह्मण वोटरों को रिझाने के लिए शीला दीक्षित को कांग्रेस ने यूपी के मैदान में उतारा है। यूपी में 14 फीसदी ब्राह्मण वोटर हैं। यह फैसला गुलाम नबी आजाद व राज बब्बर के बीच हुई मीटिंग के बाद लिया गया। इससे पहले कयास लगाये जा रहे थे कि प्रियंका गांधी को यूपी के चुनाव रण में उतारा जा सकता है।
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लेकिन जिस तरह से अटकलों को दरकिनार करते हुए पहले राज बब्बर को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया और उसके बाद शीला दीक्षित को सीएम उम्मीदवार घोषित किया गया वह कांग्रेस की अलग रणनीति को दर्शाता है। आपको बता दें कि शीला दीक्षित को एंटी करप्शन ब्युरों ने वाटर टैंकर घोटाले में भी सम्मन किया गया है। एसीबी चीफ एमके मीना ने काह कि हमने उन्हें 26 अगस्त को वाटर टैंकर घोटाले के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया है।












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