दागी खनन मंत्री गायत्री प्रजापति को अखिलेश यादव ने किया बर्खास्त
लखनऊ। यूपी के कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बर्खास्त कर दिया है। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को पत्र लिखकर उन्हें बर्खास्त किए जाने की अपील की है।
यूपी की राजनीति में सपा-कांग्रेस कभी दूर तो कभी पास का इतिहास

गायत्री प्रजापति प्रदेश में कोयला व खनन मंत्री हैं और उनपर कई भ्रष्टाचार के आरोप लगते आएं हैं। ऐसे में अपनी सरकार की छवि को बेहतर बनाने के लिए अखिलेश यादव ने यह अहम फैसला लिया है। गायत्री प्रजापति को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का करीबी भी माना जाता है।
गायत्री प्रजापति का नाम उस समय भी काफी चर्चा में आया था जब आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का ऑडियो टेप सार्वजनिक किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि जसराना में गायत्री प्रजापति ने उनपर हमला करवाया था।
विपक्ष ने बताया दिखावा
वहीं भाजपा नेता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि सपा को बताना चाहिए कि क्यों गायत्री प्रजापति को बर्खास्त किया गया है। उन्होंने कहा कि जो लोग इन्हें संरक्षण दे रहे थे उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने इसे दिखावे की कार्रवाई बताया है।
बीपीएल कार्ड से करोड़पति बने गायत्री
आपको बता दें कि गायत्री प्रजापति को 2013 में कोयला मंत्री बनाया गया था, जिसके बाद उनकी संपत्ति में लगातार बढ़ोत्तरी होती रही। आज उनके पास बीएमडब्ल्यू, जैसी तमाम महंगी गाड़ियों समेत काफी संपत्ति है। लोकायुक्त ओमशंकर द्विवेदी ने जो शिकायत दर्ज की थी उसमें उन्होंने कहा था कि 2002 में अमेठी के परसावा गांव से उन्हें बीपीएल कार्ड जारी किया गया था। लेकिन 2012 में उन्हें एपीएल कार्ड जारी किया गया।
करोड़ों की संपत्ति है गायत्री के पास
2012 में गायत्री प्रजापति के पास 1.81 करोड़ रुपए थे। लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने जो शिकायत लोकायुक्त को दी है उसमें उन्होंने कहा है कि गायत्री प्रजापति के पास 942.5 करोड़ रुपए की संपत्ति है।
कोर्ट ने दिया था सीबीआई जांच का आदेश
28 जुलाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध खनन मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। कोर्ट ने सात हफ्तों के भीतर इस मामले में रिपोर्ट भी मांगी थी। माना जा रहा है कोर्ट के दबाव के बीच अखिलेश यादव ने यह फैसला लिया है।












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