योगी सरकार कोरोना को रोकने के लिए 1 हजार करोड़ रुपये का जारी करेगी फंड, बढ़ाई जाएंगी सुविधाएं
लखनऊ। भारत में नोवल कोरोनावायरस महामारी का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। देश में कोविड-19 के मामले 2500 के पार चले गए हैं। देश में अब तक कोरोना के कुल 2567 मामले सामने आए हैं, इनमें से 192 मरीज ठीक हुए हैं, जबकि 72 की मौत हो चुकी है। इस महामारी से महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और केरल राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। वहीं पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के अबतक 1,030,251 मामले आए हैं। इसमें से 54,198 लोगों अपनी जान गवा चुके हैं।

कोरोना के बढ़ते असर को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना से लड़ने के लिए कोविड-19 रिलीफ फंड का ऐलान किया है। टेस्टिंग लैब बढ़ाने, मास्क, वेंटिलेटर और सेनिटाइजर आदि की खरीदारी के लिए यूपी की योगी सरकार 1000 करोड़ रुपये का फंड बनाएगी। सभी 24 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में टेस्टिंग की सुविधाओं को सुनिश्चित करने के प्रयास भी किए जाएंगे। इस फंड में सरकार तो मदद देगी ही, अन्य लोगों के अलावा कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी के तहत औद्योगिक घरानों से भी मदद ली जाएगी।
शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर टीम-11 की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर जरूरतमंद तक समय से भोजन पहुंचाना सुनिश्चित करें। इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद लें। संबंधित जिलों के डीएम से समन्वय कर आंगनबाड़ी का पौष्टिक आहार भी घर-घर तक पहुंचाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें दो स्तर पर तैयारी करनी होगी। मौजूदा हालात और भविष्य के मद्देनजर रणनीति तैयार करें। हर जिले में कम्युनिटी किचन चलाएं। इसमें स्वयंसेवी संस्थाओं सहित अन्य जो लोग भी मदद देना चाहें उनकी मदद लें। हर कोई भोजन बांटने न निकले इसके लिए कुछ कलेक्शन सेंटर बनाएं। वहां भोजन एकत्र हो और बंटने के लिए जाएं।












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