बागी सांसद का इल्जाम, 'दलित की बेटी' नहीं 'दौलत की बेटी' बनकर रह गईं मायावती
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद जुगल किशोर ने बिहार व दिल्ली प्रदेश प्रभारी पद से शनिवार को हटाए जाने के बाद रविवार को अपनी जुबान खोली। उन्होंने भारी मन से कहा, "हमारी राष्ट्रीय अध्यक्ष महज दौलत की बेटी बनकर रह गई हैं।" पार्टी के बिहार और दिल्ली के सहप्रभारी अमित तिवारी ने भी कुछ इसी अंदाज में बसपा प्रमुख मायावती पर हमला बोलते हुए समर्थकों सहित पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया।

उन्होंने कहा कि आज पार्टी में कांशीराम के सपनों पर ग्रहण लगने लगा है और इस वजह से न सिर्फ मेरा, बल्कि बहुजन समाज के मिशन में लगे तमाम लोगों का दम घुट रहा है। सांसद ने कहा, "मैं जिस मिशन व विचारों से जुड़ा था, मायावती आज उसे बेच रही हैं। पार्टी में हर काम पैसा लेकर किया जा रहा है, हर राजनीतिक काम का दाम तय हो गया है।" बसपा सांसद ने मायावती की नाराजगी का राज खोला। उन्होंने कहा कि उनसे कुछ विधायकों व पार्टी प्रत्याशियों ने शिकायत की थी कि टिकट के लिए पैसा मांगा जा रहा है। पहले तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ।
जब उन्होंने पार्टी मुखिया से इस बारे में बात की और उन्हें पार्टी का ग्राफ गिरने और मिशन से भटकने की हकीकत बताई, तो वह नाराज हो गईं और उन्हें पार्टी के सारे पदों से मुक्त कर दिया। यानी सच बोलना जुगल किशोर को महंगा पड़ा। मगर वह मायूस नहीं हैं। हिम्मत दिखाते हुए उन्होंने पार्टी के लोगों से मूल उद्देश्यों पर काम करने के लिए मायावती पर दबाव बनाने की अपील की है।
उनके समर्थक और यूपी व बिहार के सहप्रभारी अमित तिवारी ने कहा कि पार्टी मुखिया ने शनिवार को लखनऊ स्थित अपने आवास पर संवाददाता सम्मेलन बुलाकर महामना पं. मदन मोहन मालवीय व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भारतरत्न दिए जाने की आलोचना जाति के आधार पर की, जो बेहद निंदनीय है। बहुजन समाज पार्टी में 'सर्वजन' का प्रतिनिधित्व करने वाले तिवारी ने हिम्मत दिखाई। उन्होंने कहा कि सांसद जुगल किशोर के साथ जैसा व्यवहार हुआ है, वह निंदनीय है। इसके विरोध में वह समर्थकों सहित बिहार एवं दिल्ली सहप्रभारी के पद व पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं।












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