लखीमपुर की तरह राजस्थान में दलित की हत्या का मामला भी SC स्वत: सज्ञान ले तो बेहतर: मायावती
लखनऊ, 12 अक्टूबर: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा में दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में बसपा प्रमुख मायावती का एक बार बयान सामने आया है। मायावती ने मंगलवार को तीन ट्वीट कर कहा कि इस हत्याकांड के संबंध में तीन दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई है, जिससे पीड़ित परिवार को सरकार से न्याय मिलने की संभावना कम ही लगती है। ऐसे में यूपी के लखीमपुर खीरी की तरह ही इस मामले का भी माननीय सुप्रीम कोर्ट अगर स्वतः संज्ञान ले तो बेहतर।

मायावती ने कहा- नेताओं की चुप्पी दुखद और शर्मनाक
मायावती ने कहा, ''कांग्रेस शासित राजस्थान की ताज़ा घटना में एक दलित की पीट-पीट कर की गई निर्मम हत्या की चर्चा व उसकी निन्दा पूरे देश भर में हुई किन्तु कांग्रेस का नेतृत्व न केवल खुद चुप ही रहा बल्कि अपने दलित नेताओं के भी बोलने पर पाबन्दी लगाकर उनकी जुबान बंद कर दी है, यह अति-दुःखद व शर्मनाक।'' मायावती ने कहा, ''जो यह साबित करता है कि कांग्रेस पार्टी व इनकी सरकारों की नजर में दलितों की न तो पहले कोई अहमियत थी और न ही अब उनके जान-माल व सुरक्षा की कोई खास परवाह है। पंजाब के नए सीएम व गुजरात के इनके नए नेता द्वारा भी दोहरा मापदण्ड अपनाते हुए अभी तक अपनी जुबान बंद रखना कितना उचित?''
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सुप्रीम कोर्ट अगर स्वतः संज्ञान ले तो बेहतर: मायावती
मायावती ने आगे कहा, '' यही कारण है कि राजस्थान के इस हत्याकाण्ड के सम्बंध में तीन दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई है, जिससे पीड़ित परिवार को सरकार से न्याय मिलने की संभावना कम ही लगती है। अतः यूपी के लखीमपुर खीरी की तरह ही इस मामले का भी मा. सुप्रीम कोर्ट अगर स्वतः संज्ञान ले तो बेहतर।''












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