BJP के पोस्टर 'फर्क साफ है' देख भड़कीं मायावती, कहा- बौखलाहट और जातिवादी सोच का प्रतीक
लखनऊ, 15 अगस्त: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुटे हैं। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बीच बीजेपी ने 'फर्क साफ है' पोस्टर के जरिए समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) दोनों को सत्ताभोगी करार दिया। इस पोस्टर को लेकर बसपा सु्प्रीमो मायावती भड़क गई हैं। बसपा सु्प्रीमो का रविवार को बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने बीजेपी पर पलटवार किया है।

मायावती ने कहा- बीजेपी की टिप्पणी जातिवादी सोच का प्रतीक
मायावती ने बीजेपी के पोस्टर 'फर्क साफ है' को लेकर रविवार को दो ट्वीट किए। उन्होंने लिखा, ''बीजेपी द्वारा ट्विटर पर फर्क साफ है पोस्टर में बीएसपी पर बाढ़ग्रस्त लोगों की मदद के बजाए जातिवादी सम्मेलन करने में व्यस्त टिप्पणी घोर अनुचित व इनकी बौखलाहट व जातिवादी सोच का प्रतीक। यूपी के सीएम द्वारा बाढ़ क्षेत्र का दौरा जनता पर एहसान नहीं बल्कि उनकी जिम्मेदारी जबकि राहत गायब।''

'प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन को 'जातिवादी सम्मेलन' कहना निंदनीय'
मायावती ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा, ''इसी प्रकार, बीएसपी के प्रबुद्ध वर्ग विचार संगोष्ठी की यूपी के जिलों-जिलों में अपार सफलता से बौखला कर पहले इसे रोकने का सरकारी प्रयास और अब इसे 'जातिवादी सम्मेलन' कहना बीजेपी की गलत सोच व समझ को ही प्रदर्शित करता है, यह अति-निंदनीय।''

बीजेपी ने कहा- जातिवादी सम्मेलन में व्यस्त हैं मायावती
बता दें, बीजेपी उत्तर प्रदेश के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से शनिवार को 'फर्क साफ है' सीरीज वाला पोस्टर शेयर किया गया। इस पोस्टर में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती पर निशाना साधा गया। तस्वीर में एक तरफ सीएम योगी आदित्यनाथ बाढ़ के हालात का जायजा ले रहे हैं और बाढ़ पीड़िता मां की गोद में बैठे मासूम बच्चे को दुलार रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ पोस्टर में अखिलेश यादव साइकिल चलाते हुए नजर आ रहे हैं और नीचे मायावती की तस्वीर है। अखिलेश की तस्वीर के नीचे कैप्शन में लिखा गया है, ''बाढ़ के वक्त लाखों रूपये की मर्सिडीज साइकिल से चुनावी प्रचार में मस्त।'' वहीं, मायावती की तस्वीर के नीचे कैप्शन में लिखा है, ''बाढ़ ग्रस्त लोगों की मदद के बजाय जातिवादी सम्मेलन में व्यस्त।''












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