बीजेपी के 'मिशन 2017' को झटका: कैंटोनमेंट चुनाव में मोदी व राजनाथ के क्षेत्र में मिली हार
लखनऊ। लोकसभा चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश में मिली शानदार सफलता के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की 'मिशन 2017' की तैयारियों को जोरदार झटका लगा है। छावनी परिषद चुनाव के परिणाम में भाजपा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्र लखनऊ के अलावा आगरा व मथुरा में करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी में भाजपा को 8 तथा राजनाथ सिंह के लखनऊ में 7 में से एक भी सीट नहीं मिली। इन सभी सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। लखनऊ में छावनी परिषद की आठ सीटों पर निर्दलीय विजयी रहे। उधर, वाराणसी में सात में से एक भी सीट पर भाजपा प्रत्याशी नहीं जीता। अब वहां पर भाजपा का प्रतिनिधित्व खत्म हो गया है।
बरेली में हालांकि सात में से चार सीटों पर निर्दलीय तथा तीन पर भाजपा ने जीत दर्ज की। आगरा और मथुरा कैंटोनमेंट बोर्ड चुनाव में भी भाजपा को करारा झटका लगा है। भाजपा आगरा कैंटोनमेंट बोर्ड की आठ में से सिर्फ एक सीट पर और मथुरा की सात में से सिर्फ दो सीट पर ही जीत दर्ज करा पाई। दोनों स्थानों के लिए रविवार को मतदान कराए गए थे। आगरा कैंटोनमेंट बोर्ड चुनाव के नतीजे रविवार रात और मथुरा के सोमवार सुबह घोषित किए गए।
आगरा का चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल था, क्योंकि भाजपा पहली बार यहां से चुनाव लड़ रही थी और पिछले चुनावों में उसने निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन दिया था। भाजपा सांसद और केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री राम शंकर कठेरिया ने पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया था। आगरा में निर्दलीयों ने सात सीटों पर जीत दर्ज की।
निर्दलीय उम्मीदवार पंकज महेंद्रू लगातार तीसरी बार चुनाव जीतने में कामयाब रहे। एकमात्र महिला उम्मीदवार सीमा राजपूत को जीत हासिल हुई, वह भी निर्दलीय उम्मीदवार हैं। छावनी परिषद के चुनाव में भाजपा की बुरी हार के बारे में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा़ॅ लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि वाराणसी तथा लखनऊ को छोड़कर अन्य स्थानों पर भाजपा का प्रदर्शन अच्छा रहा है। सिम्बल पर चुनाव न होने के कारण भाजपा को वाराणसी व लखनऊ में शिकस्त झेलनी पड़ी है।












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