सुप्रीम कोर्ट को दिखाकर ठेंगा, विज्ञापणों में दिखें सीएम अखिलेश
लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी विज्ञापणों पर मुख्यमंत्री और मंत्रियों की तस्वीर लगाने पर रोक लगा दी है, लेकिन लगता है कि उत्तर प्रदेस के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इसकी फ्रिक नहीं है। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अपनी तरह से चुनौती देते हुए सरकारी विज्ञापणों पर सीएम अखिलेश की तस्वीर लगा दी है। [ OMG! यहां भूख लगने पर खाया जा सकता है पत्नी का मांस ]

अभी हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के एमओयू साइन होने के मौके पर अखबारों में सीएम अखिलेश यादव की फोटो सहित कई अन्य मंत्रियों की फोटो छपी थी। कुछ समाचार पत्रों में दिए गए 'उम्मीदों का प्रदेश, उत्तर प्रदेश। खेलों के विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के उल्लेखनीय प्रयास" में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और आईपीएल के चेयरमैन राजीव शुक्ल का फोटो छपा है।
इस आदेश के बाद भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना बताया है। भाजपा ने इसे न्यायपालिका का अपमान बताया है। इससे पहले भी अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ बयान दिया था। उन्होंने कहा है कि अब सुप्रीम कोर्ट यह भी बता दे कि नेताओं को कैसे कपड़े पहनने चाहिए और क्या-क्या करना चाहिए।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 13 मई को सरकारी विज्ञापनों में नेताओं के फोटो छापने पर प्रतिबंध लगाया था। कोर्ट ने कहा था कि सिर्फ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और भारत के मुख्य न्यायाधीश की ही तस्वीरें सरकारी विज्ञापनों में छप सकती हैं। ऐसे में अखिलेश यादव के इस विज्ञापण पर क्या प्रतिक्रिया होती है, देखने वाली बात होगी।












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