लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच की निगरानी करेंगे रिटायर्ड जज राकेश कुमार जैन, सुप्रीम कोर्ट ने किया नियुक्त
लखीमपुर खीरी, 17 नवंबर। उत्तर प्रदेश में लखीमपुर खीरी कांड की हो रही जांच की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जज रिटायर्ड जस्टिस राकेश कुमार जैन को नियुक्त किया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने जांच कर रही एसआईटी में तीन आईपीएस अफसरों को भी शामिल किया है। केस की चार्जशीट फाइल होने और जस्टिस राकेश कुमार जैन की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सुप्रीम कोर्ट इस मामले में आगे सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को लखीमपुर केस में दर्ज दो एफआईआर की अलग-अलग जांच कर अलग-अलग चार्जशीट फाइल करने को कहा है।
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दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस विषय पर सुनवाई की थी जिसमें कहा था कि लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा की जांच की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के पूर्व जज की नियुक्ति कर सकता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की इस बात पर सहमति दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि रिटायर्ड जज के चयन के लिए समय चाहिए और बुधवार को इस बारे में वह फैसला देगा। बुधवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस राकेश कुमार जैन को लखीमपुर खीरी कांड की जांच की निगरानी की जिम्मेदारी दी। लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई थी जिसमें चार किसान शामिल थे।
लखीमपुर खीरी हिंसा में मुख्य आरोपी के तौर पर केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा का नाम है। 9 अक्टूबर को आशीष मिश्रा को गिरफ्तार किया गया था जिसके बाद से वह जेल में है। आशीष मिश्रा के अलावा 12 अन्य आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। सोमवार को लखीमपुर खीरी जिला व सेशन कोर्ट ने आशीष मिश्रा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। लखीमपुर मामले में दो एफआईआर दर्ज हैं। पहली एफआईआर में चार किसानों को वाहन से कुचले जाने का केस है जिसके बाद लखीमपुर खीरी के बनवीरपुर गांव के पास हिंसा भड़की थी। दूसरी एफआईआर उस हिंसा पर है जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में दो भाजपा कार्यकर्ता, एक पत्रकार और एक ड्राइवर शामिल थे।












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