लखीमपुर खीरी कांड की जांच की निगरानी करेंगे कौन रिटायर्ड हाईकोर्ट जज, सुप्रीम कोर्ट 17 नवंबर को करेगा तय
लखीमपुर खीरी, 15 नवंबर। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुए बवाल की जांच की मॉनिटरिंग प्रदेश के बाहर के पूर्व हाईकोर्ट जज से कराने पर योगी सरकार ने सहमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच की निगरानी के लिए योगी सरकार से कहा था कि कोर्ट किसी रिटायर्ड हाईकोर्ट जज की नियुक्ति कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए जस्टिस राकेश कुमार जैन और जस्टिस रणजीत सिंह का नाम सुझाया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किनको नियुक्त किया जाय इस पर विचार किया जा रहा है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जज राकेश कुमार जैन समेत अन्य नाम विचाराधीन हैं। इस पर 17 नवंबर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट आदेश देगा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी में कुछ और सीनियर अधिकारियों को शामिल करने के निर्देश दिए हैं और यूपी सरकार से आईपीएस की सूची मांगी है।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि लखीमपुर खीरी घटना की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की नियुक्ति कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट जिसको सही समझेगा, उसको नियुक्त कर सकता है। यूपी सरकार के वकील हरीश साल्वे ने भी सुप्रीम कोर्ट में कहा कि इस बारे में प्रदेश सरकार की सहमति है कि सुप्रीम कोर्ट जिसे चाहे उनको जांच की निगरानी के लिए नियुक्त करे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नामों पर विचार के लिए एक दिन चाहिए। इस बारे में सुप्रीम कोर्ट बुधवार को आदेश देगा। सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी घटना की जांच कर रही एसआईटी में कुछ और सीनियर पुलिस अफसरों को शामिल करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से आईपीएस की सूची मांगी है। सु्प्रीम कोर्ट ने कहा कि ये आईपीएस अफसर यूपी काडर के हों लेकिन यूपी के निवासी न हों।
सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में उत्तर प्रदेश सरकार को लखीमपुर खीरी घटना की जांच को लेकर फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दो एफआईआर की एक जांच नहीं हो सकती। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा था कि लग रहा है कि एक विशेष आरोपी लभा देने के लिए ऐसा किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि दोनों एफआईआर की अलग-अलग जांच हो। अलग-अलग चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जाय।












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