राजस्थान: नीट की तैयारी कर रहे छात्र की कोटा में मौत, दूषित पानी पीने से 35 अन्य बीमार
कोटा में रहकर नीट की तैयारी कर रहे एक 18 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। छात्र एन्सेफैलोपैथी नामक बीमारी से पीड़ित था। इस बात की जानकारी कोटा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. जगदीश सोनी ने दी। उन्होंने कहा कि यकृत एन्सेफैलोपैथी से पीड़ित होने के कारण छात्र वैभव रॉय का यहां एक निजी अस्पताल में इलाज किया जा रहा था। वैभव रॉय भी जवाहर नगर इलाके के उन 36 छात्रों में शामिल था, जो पिछले कुछ दिनों में इस बीमारी से पीड़ित थे। हालांकि, इनमें से 18 ठीक हो चुके हैं, जबकि अन्य तीन का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

कोटा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. जगदीश सोनी के मुताबिक हेपेटिक एन्सेफेलोपैथी, तंत्रिका तंत्र का एक रोग है, जिसकी वजह से लीवर से संबंधित कई गंभीर बीमारियां हो जाती हैं। डॉ. जगदीश सोनी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि इलाके के तीन कोचिंग संस्थानों को दूषित पेयजल की आपूर्ति करते पाया गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि रॉय की मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही चलेगा।
रॉय मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला था। लेकिन पिछले कई वर्षों से वह कैथून टाउन में अपने रिलेटिव के यहां रहता था। रॉय का इलाज करने वाले डॉ. राजीव शर्मा ने बताया कि उसे 5 अक्टूबर को बुखार और पीलिया के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन कुछ दिनों के इलाज के बाद हेपेटिक एन्सेफेलोपैथी का पता चला। इस बीमारी के चलते रॉय के दिमाग में सूजन आ गई थी, जिसने गंभीर रूप ले लिया था। जिसकी वजह से उसे बचाया नहीं जा सका।
डॉ. सोनी के मुताबिक 35 अन्य छात्रों में भी हाल की जांच में हेपेटाइटिस-ए के लक्षण दिखे थे, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने विभिन्न स्रोतों से पानी के कम से कम 65 सैंपल्स एकत्र किए। इनमें तीन कोचिंग संस्थानों को दूषित पानी सप्लाई करते पाया गया है। जिन छात्रों में हेपेटाइटिस-ए के लक्षण दिखे हैं, उन्हें एस.एन पारीक मेमोरियल एंड मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, इस बीमारी से ग्रसित कम से 10-12 छात्रों का पहले से ही अस्पताल में इलाज चल रहा है।
डॉ. सोनी ने बताया कि यह संक्रमण दूषित पानी और खराब भोजन के कारण फैलता है। हालांकि, मामला उचागर होने के बाद कोचिंग संस्थानों ने आरओ लगवा लिया है। वहीं, कोटा शहर के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ब्रिज मोहन बैरवा का कहना है कि मामले की जांच CMHO को सौंप दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें- ISL 2022-23: केरला ब्लास्टर्स के सामने एटीके मोहन बागान से पहली बार जीतने की चुनौती












Click it and Unblock the Notifications