जारी रही ममता बनर्जी की दबंगई तो नहीं होंगे बंगाल में चुनाव

हुआ यूं कि विपक्षी दलों द्वारा शिकायत दर्ज कराये जाने के बाद चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री कार्यालय को एक निर्देश जारी किये कि राज्य के एक डीएम और पांच एसएसपी को चुनावी ड्यूटी से हटा दिया जाये। इस पर ममता बनर्जी भड़क गईं। ममता ने दो टूक शब्दों में कहा आयोग कुछ भी कर ले वो अधिकारियों को ड्यूटी से नहीं हटायेंगी। ममता ने आयोग से कहा कि आप कानून व्यवस्था सुधार लो या फिर मुझे कानून व्यवस्था सुधारने दो। ममता ने मीडिया के सामने आयोग को चुनौती दी कि वो एक भी अधिकारी को यहां से हटाकर नहीं दिखा सकता है। मैं अधिकारियों का तबादला नहीं करूंगी, चाहे कुछ भी हो जाये।
खास बात यह है कि आयोग ने भी कड़े तेवर अख्तियार कर लिये हैं। आयोग ने ममता को सीधी टक्कर देते हुए कहा है कि अगर मंगलवार की दोपहर ढाई बजे तक अधिकारियों को चुनावी ड्यूटी से नहीं हटाया गया तो पश्चिम बंगाल में चुनाव रद्द कर दिये जायेंगे।
अब सवाल यह उठता है कि चुनाव आयोग ने आखिर ऐसी क्या वजह है जो ममता उन पांच अधिकारियों का इतना पक्ष ले रही हैं, जिनके खिलाफ आयोग में सबसे ज्यादा शिकायतें आयी हैं। चुनाव अधिकारी सुनील गुप्ता ने कहा है कि हम यह नहीं कह रहे हैं कि उन अधिकारियों को कानून व्यवस्था संभालने में नहीं लगायें, बस आयोग इतना चाहता है कि उनकी ड्यूटी चुनाव से जुड़े कार्यों में नहीं लगायी जाये। वहीं सीपीआईएम के नेता सूरजया कांत मिश्रा ने कहा है कि ममता बंगाल में सिर्फ अपनी दबंगई कायम रखने के लिये ऐसे बयान दे रही हैं।












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