भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत मामले में SIT जांच की मांग, SC ने ममता सरकार को भेजा नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक रिट याचिका पर पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया। बंगला में चुनाव परिणाम आने के बाद 2 भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई थी।
कोलकाता, 18 मई। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक रिट याचिका पर पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया। याचिका में पश्चिम बंगाल में दो मई को तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों द्वारा कथित तौर पर विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने पर दो भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की एसआईटी / सीबीआई जांच की मांग की गई है।

कोर्ट इस मामले पर अगले मंगलवार को विचार करेगी। मंगलवार को जस्टिस विनीत सरन और जस्टिस बीआर गवई इस रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसे हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ता अविजीत सरकार के भाई बिस्वजीत सरकार ने दायर किया था। याचिका में बिस्वजीत ने आरोप लगाया है कि बंगाल चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने उनके भाई की हत्या कर दी।
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याचिकार्ता ने कोर्ट से मांग की है कि उनके भाई और बीजेपी बूथ कार्यकर्ता हरन अधिकारी की मौत के मामले में कोर्ट के संज्ञान में एसआईटी से जांच करवाई जाए। इस मामले की दूसरी याचिकाकर्ता हरन अधिकारी की पत्नी हैं।याचिका में चुनाव परिणाम आने के बाद पश्चिंम बंगाल में फैली हिंसा की भी जांच करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने कहा कि क्रूर हत्याओं के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और इस जांच को बिगाड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं।
जेठमलानी ने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं की हत्या हुई वह भाजपा के थे और इस हिंसा को राज्य प्रशासन द्वारा पोषित किया गया...राज्य सरकार इस मामले पर कोई कर्रवाई नहीं कर रही है इसलिए कोर्ट की निगरानी में इस मामले की जांच की आवश्यकता है। जेठमलानी ने आगे प्रार्थना की कि अविजीत सरकार के शव के पोस्टमार्टम की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए, जिसका अभी तक अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। पीठ ने कहा कि वह इस प्रार्थना को एकपक्षीय नहीं मान सकती।
गौरतलब है कि 2 मई को पश्चिम बंगाल चुनावों के परिणाम आने के बाद बंगाल में हिंसा भड़क गई थी, जिसमें कई भाजपा का दफ्तर और कई भाजपा कार्यकर्ताओं के घर जला दिए गए थे। भाजपा ने इस हिंसा के पीछे टीएमसी के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार बताया था।












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