जीतू पटवारी के आगे झुका पुलिस प्रशासन, कटनी मामले में दर्ज हुई FIR, दलित महिला और पोते को पीटने का मामला
Katni News: अगर प्रदेश में जितनी मजबूत सरकार हो और उतना ही मजबूत विपक्ष हो तो, जनता को न्याय मिलने में समय नहीं लगता। ऐसा ही एक उदाहरण कटनी में देखने को मिला, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे।
बता दे कटनी जिले में जीआरपी थाना प्रभारी के कार्यालय में एक नाबालिग लड़के और उसकी दादी की पिटाई का वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद गुरुवार को पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की है।

Recommended Video
गुरुवार को जीतू पटवारी पीड़ित परिवार के साथ कटनी के रंगनाथ नगर थाना पहुंचे और केस दर्ज करने की मांग की। पटवारी करीब चार घंटे तक थाने में बैठे रहे, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
इस घटना के बाद, DIG रेल पुलिस ने शुरुआती जांच में दोषी पाए गए टीआई अरुणा वाहने के साथ ही पांच अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इन निलंबित कर्मियों में आरक्षक वर्षा दुबे, ओमकार सिरशाम, सोहेब अब्बासी, सलमान खान और प्रधान आरक्षक अजय श्रीवास्तव शामिल हैं।
जीतू पटवारी का बयान
जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में मजबूत सरकार और विपक्ष होना जरूरी है ताकि जनता को न्याय मिल सके। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसकी विचारधारा अंबेडकर विरोधी है और इस मामले में झुकने के लिए मजबूर होना पड़ा। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने विपक्ष का दायित्व निभाया है और आने वाले समय में कोर्ट से इन पुलिसकर्मियों की नौकरी की परेशानी भी हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा, "हमने एफआईआर दर्ज करवा दी है। अगर कोई कमी रह गई तो हम उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट तक जाकर न्याय दिलाएंगे। सरकारी कर्मचारियों से मैं कहना चाहता हूं कि वे बीजेपी के एजेंट बनने से बचें। जो भी बीजेपी के एजेंट बनेगा, उसका विरोध किया जाएगा।"
कांग्रेस का समर्थन
जीतू पटवारी ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है और इस मामले में न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह से समर्पित है।कटनी में हुए इस विवाद ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, और कांग्रेस की ओर से उठाए गए कदम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माने जा रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications