कानपुर में पैर पसार रहा है जीका वायरस, चकेरी क्षेत्र में अब तक मिल चुके हैं 79 मरीज
कानपुर, 6 नवंबर। उत्तर प्रदेश के कानपुर के चकेरी क्षेत्र में जीका वायरस का पहला मामला 23 अक्टूबर को मिला था। भारतीय वायुसेना के अधिकारी को संक्रमित पाया गया था। मच्छरों के जरिए फैलने वाले जीका वायरस ने चकेरी क्षेत्र में पैर पसार लिया है। चकेरी के आसपास के इलाके में स्वास्थ्य विभाग लोगों की जांच कर रहा है। शनिवार को जीका वायरस से संक्रमित 13 मरीजों का पता चला है। अब तक कानपुर में 79 मरीज इस बीमारी से ग्रस्त मिले हैं। इन संक्रमितों में महिला और बच्चे भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग को तेज कर दिया है और ज्यादा से ज्यादा लोगों के सैंपल्स की जांच की जा रही है।

कानपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नेपाल सिंह ने जीका वायरस पर अपडेट देते हुए कहा कि जिले में अब तक जीका वायरस से ग्रस्त मरीजों की संख्या 79 हो गई है। जहां पहला मरीज मिला था, उसी के 400 मीटर के दायरे में अब तक सभी संक्रमितों का पता चला है। डॉक्टर नेपाल सिंह ने कहा कि अन्य संक्रमितों का पता लगाने के लिए कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग टीम बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि 79 मरीजों में किसी की हालत गंभीर नहीं है लेकिन उन पर डॉक्टर नजर रखे हुए हैं।
जीका वायरस को फैलने से रोकने के लिए भी कानपुर प्रशासन भी प्रयासरत है। चकेरी क्षेत्र के हरजेंदर नगर, एयरफोर्स परिसर, पोखरपुर, लालकुर्ती, मोतीनगर, अशरफाबाद, आदर्शनगर समेत अन्य कुछ मोहल्लों में संक्रमित मरीज मिले हैं। पहला वायरस का केस वायुसेना केंद्र में मिला था जिसके आसपास के क्षेत्रों के लोगों के सैंपल्स लेकर जांच की जा रही है। डीएम विशाख जी अय्यर ने इस बारे में कहा कि घर-घर जाकर सैंपल्स इकट्ठा करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए गए हैं।
डीएम विशाख जी अय्यर ने कहा कि मच्छरों को नष्ट करने के लिए अभियान चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अधिकारियों के साथ बैठक में जीका वायरस और डेंगू पर नियंत्रण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हर मरीज के स्वास्थ्य पर नजर रखी जाय, साथ ही सर्विलांस के जरिए जल्दी से जल्दी संक्रमित मरीजों का पता लगाकर उपचार किया जाय। मुख्यमंत्री ने साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन और फॉगिंग के काम को जारी रखने के भी निर्देश दिए हैं।












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