FIR दर्ज करने के लिए थाना प्रभारी ने मांगे 50 हजार रुपए, एंटी करप्शन ने रंगे हाथ पकड़ा, जानिए पूरा मामला
उत्तर प्रदेश के कानपुर कमिश्नरेट में तैनात कलेक्टरगंज थाना प्रभारी को 50 हजार की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार करने के बाद थाना प्रभारी से पूछताछ करने के साथ ही आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी आरपी सिंह द्वारा मीडिया को बताया गया कि मुकदमा दर्ज करने के लिए थाना प्रभारी द्वारा 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। इस मामले में भुक्तभोगी द्वारा एंटी करप्शन से शिकायत की गई शिकायत पर थाना प्रभारी को गिरफ्तार कर लिया गया।

दरअसल, कराचीखाना के रहने नरेंद्र गुप्ता द्वारा एंटी करप्शन से मिलकर शिकायत की गई की कलेक्टरगंज क्षेत्र में उसने एक जर्जर मकान खरीदा था। उसने बताया कि उक्त मकान में पहले से ही किराएदार रहते थे और वह हटने के लिए तैयार नहीं थे। ऐसे में नरेंद्र गुप्ता द्वारा पुलिस से शिकायत की गई।
शिकायत करने के बाद इमारत खाली करने के दौरान किराएदारों और नरेंद्र गुप्ता के बीच कहासुनी हुई थी, इस दौरान किराएदारों ने नरेंद्र गुप्ता के साथ बदसलूकी भी की थी। इसी बात को लेकर नरेंद्र गुप्ता द्वारा थाने में तहरीर दी गई तो मुकदमा दर्ज करने के लिए नरेंद्र गुप्ता से रिश्वत की मांग की गई।
नरेंद्र गुप्ता का आरोप है कि इस मामले में जब उसने कलेक्टरगंज थानेदार रामजन्म गौतम से बात किया तो उन्होंने 50 हजार रुपए रिश्वत की डिमांड की। कई बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई ऐसे में नरेंद्र गुप्ता एंटी करप्शन से शिकायत किया।
शिकायत करने के बाद एंटी करप्शन द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार 50 हजार रुपए लेकर नरेंद्र गुप्ता कलेक्टर गंज इंस्पेक्टर के आवास में पहुंचे और वहीं पर उन्होंने इंस्पेक्टर को पैसे दे दिए। पैसे देने के बाद जैसे ही वहां से वे बाहर निकले इसी दौरान एंटी करप्शन की टीम ने थानेदार को पकड़ लिया।
बताया जा रहा है कि इंस्पेक्टर रामजन्म गौतम आजमगढ़ जनपद के मुबारकपुर निवासी है। फिलहाल एंटी करप्शन की यूनिट द्वारा आरोपित इंस्पेक्टर के खिलाफ उसी थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।












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