मनीष गुप्ता केस: पीड़ित परिवार से मिले अखिलेश यादव, बोले- भाजपा सरकार में पुलिस लोगों की जान ले रही
कानपुर, 30 सितंबर: गोरखपुर में प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की संदिग्ध मौत के मामले ने अब सियायत शुरू हो गई है। विपक्षी दलों के नेता प्रदेश की योगी सरकार पर हमलावर हो गए हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार सुबह कानपुर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया से रूबरू होते हुए भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी की तरफ से पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपए मदद का ऐलान किया है।
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'पुलिस रक्षा नहीं, लोगों की जान ले रही'
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार में पुलिस रक्षा नहीं कर रही, लोगों की जान ले रही है। पुलिस का ऐसा व्यवहार किसी सरकार में देखने को नहीं मिला। अखिलेश ने कहा, हमारी मांग है कि मामले की सिटिंग जज की मॉनिटरिंग में ही जांच हो। उनके परिवार की 2 करोड़ रुपए की मदद होनी चाहिए। सरकार को 2 करोड़ रुपए देकर इस परिवार की मदद करनी चाहिए।
क्या है पूरा मामला ?
कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत गोरखपुर के होटल कृष्णा पैलेस में सोमवार देर रात हुई थी। आरोप है कि सुरक्षा के नाम पर जांच करने गई पुलिस की पिटाई से मनीष की मौत हुई थी। इस मामले में एसएसपी ने इंस्पेक्टर सहित छह पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया था। मामला तूल पड़कने के बाद सीएम योगी ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद आरोपी छह पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज की गई। मनीष की पत्नी मीनाक्षी का आरोप है कि चेकिंग के दौरान ही पुलिसकर्मियों ने मनीष की पिटाई की थी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मनीष के शरीर पर गहरे चोट के निशान मिले हैं। मनीष गुप्ता के शरीर पर 4 गंभीर चोटों के निशान मिले। सिर के बीच में आई 5×4 सेंटीमीटर की चोट जानलेवा साबित हुई।












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