अमर की पत्नी खुशी कानपुर शूटआउट की साजिशकर्ता है या नहीं, तीन दिन के अंदर होगा खुलासा
कानपुर। बिकरू गांव में 2 जुलाई को हुए शूटआउट में जेल भेजी गई नवविवाहिता खुशी (अमर दुबे की पत्नी) की भूमिका है या नहीं इस बिंदु पर एक बार फिर जांच शुरू हो गई है। दरअसल, शनिवार को अमर दुबे की दादी सर्वेश्वरी ने खुशी को जेल भेजने पर यूपी पुलिस से सवाल पूछा था। उन्होंने कहा था कि विकास दुबे की पत्नी रिचा को क्लीन चिट तो अमर की पत्नी खुशी जेल में क्यों? मीडियो में खबर चलने के बाद कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मामले की जांच करने के निर्देश एसएसपी को दिए थे। साथ ही तीन दिन में जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा हैं।

खुशी को साजिश रचने के आरोप में भेजा था जेल
विकास दुबे के दाहिना हाथ और बॉडीगार्ड माने जाने वाले अमर दुबे को पुलिस ने 8 जुलाई को मुठभेड़ में मार गिराया था। इसस पहले पुलिस ने 7 जुलाई को अमर की मां क्षमा को गिरफ्तार कर लिया था तो बुधवार को अमर के पिता संजय तथा रतनपुर पनकी निवासी नवविवाहित पत्नी खुशी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इन पर पुलिस ने विकास दुबे को संरक्षण देने और साजिश रचने का आरोप लगाया था।

खुशी की गिरफ्तारी पर अमर की दादी ने उठाए थे सवाल
अमर दुबे की दादी सर्वेश्वरी ने खुशी की गिरफ्तारी पर शनिवार को यूपी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था कि खुशी से अमर की शादी 29 जुन को हुई थी, उसके हाथों की मेहंदी भी अभी ठीक से छूट नहीं पाई थी की उसका सुहाग उजड़ गया। दरअसल, 29 जुन को खुशी की अमर से शादी हुई थी और वो 30 जुन को बिकरू पहुंची थीं। इसके एक दिन बाद यानि 2 जुलाई की रात को बिकरू में शूटआउट हो गया। वो दो दिन ही बिकरू में रही फिर भी पुलिस ने उसे साजिश रचने के आरोप में जेल भेज दिया।

IG ने कहा- खुशी की भूमिका की जा रही है समीक्षा
मीडिया में खबर छपने के बाद कानपुर रेंज के आईजी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा खुशी की भूमिका की समीक्षा की जा रही है। अगर साक्ष्य नहीं मिलेंगे तो 169 की कार्रवाई करवाकर उसे जेल से रिहा कराया जाएगा। तीन दिन के भीतर जांच पूरी हो जाएगी। जांच एसपी पश्चिम को सौंपी गई है।












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