Bhairon Singh Rathore: कौन थे लोंगेवाला युद्ध के हीरो भैंरोसिंह राठौड़, जिनके PM Modi भी हुए मुरीद
Rajasthan Assembly Elections 2023 को लेकर Jodhpur में जनसभा को सम्बोधित करते PM Narendra Modi ने लोंगेवाला युद्ध के हीरो रहे Bhairon Singh Rathore को नमन किया।
Who was Bhairon Singh Rathore: भारत-पाकिस्तान के बीच 1971 में राजस्थान के लोंगेवाला में जंग हुई। पाक को मुंह की खानी पड़ी थी। लोंगेवाला युद्ध के हीरो बने थे भैंरोसिंह राठौड़। आज जोधपुर में पीएम नरेंद्र मोदी भी भारतीय सेना में फौजी रहे भैंरोसिंह के मुरीद हो गए थे।

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर जोधपुर का रावण चबूतरा मैदान में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए पीएम मोदी ने लोंगेवाला युद्ध के हीरो भैंरोसिंह राठौड़ को याद किया। पीएम बोले कि ''आज मैं लोंगेवाला युद्ध के नायक भैंरोसिंह राठौड़ को आदरपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मुझे याद है कि जब वे आखिरी समय में अस्पताल में थे, तब मैंने उन्हें फोन कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जाना था।''
आइए जानते हैं कि भैंरोसिंह राठौड़ की जीवनी
- भैंरोसिंह राठौड़ जोधपुर जिला मुख्यालय के 120 किलोमीटर दूर गांव सोलंकियातला के रहने वाले थे। साल 1963 में भैंरोसिंह ने भारतीय सेना ज्वाइन की थी।
- 1971 की जंग में वीरता दिखाने के लिए भैंरोसिंह राठौड़ को साल 1972 में राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री बरकतुल्ला खान ने उन्हें सेना मेडल से सम्मानित किया था।
- 19 दिसंबर, 2022 जोधपुर एम्स में भैंरोसिंह राठौड़ ने आखिरी सांस ली थी। 81 साल की उम्र में निधन हो गया था। बीमारी के चलते वहां उनका इलाज चल रहा था। पीएम मोदी ने फोन करके उनके हाल जाने थे। गृहमंत्री अमित शाह भी उनसे मिलने आए थे।
क्या हुआ था लोंगेवाला युद्ध में?
- साल 1971 के दिसंबर में भारत की पश्चिमी सीमा पर राजस्थान के जैसलमेर जिले के लोंगेवाला में इंडियन आर्मी ने पाकिस्तानी फौज को धूल चटा दी थी।
- भारत के महज 120 जवानों ने पाकिस्तान के 2000 सैनिकों को घुटने टिका दिए थे।
- लोंगेवाला की जंग 12वीं इंफ्रेंट्री डिविजन की 23 पंजाब कंपनी-A के मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी (बॉर्डर में सनी देओल) की अगुवाई में लड़ी गई थी।
- लोंगेवाला युद्ध में बीएसएफ के तत्कालीन जवान भैंरोसिंह राठौड़ एक इकाई की कमान संभाल रहे थे।
- भैंरोसिंह राठौड़ ने 5 दिसंबर 1971 को अदम्य साहस दिखाते हुए पाकिस्तानी बिग्रेड और टैंक रेजिमेंट को तबाह कर दिया था। जिस पर इन्हें सेना पदक मिला था।
- भैंरोसिंह राठौड़ ने रात दो बजे पाकिस्तानी फौज पर टैंक से गोले बरसाने शुरू कर दिए थे।












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