जब रेगिस्तान में गुब्बारे से सजी ऊंट गाड़ी पर पहुंची लाइब्रेरी, बच्चों के चेहरे पर आई खुशी
जोधपुर, 03 सितंबर: कोरोना के कारण बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से बाधित हो गई है। वैसे तो ऑनलाइन क्लास के जरिए स्कूलों में पढ़ाई जारी है, लेकिन राजस्थान में ऐसे गांव भी जहां के बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई से कोसों दूर हैं। ऐसे में रेतीले धोरों के राजस्थान के जोधपुर में दूरदराज के गांवों के बच्चों के लिए ऊंट गाड़ी पर मोबाइल लाइब्रेरी की शुरूआत 'रूम टू रीड' अभियान के तहत की गई है।

गुब्बारे से सजी देखकर गाड़ी देखकर खुशी के झूमे बच्चे
वहीं जब जोधपुर शहर से दूर दराज के गांव में ऊंट गाड़ी पर पहली मोबाइल लाइब्रेरी पहुंची तो ऊंट गाड़ी को गुब्बारे से सजी देखकर बच्चे खुशी से झूम उठे। उनके चेहरे पर किताबों को लेकर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। बच्चों के अंदर पढ़ाई का उत्साह था, जो कोरोना काल में बंद हुई पढ़ाई के बाद और ज्यादा हो गया था। ऐसे में बच्चों ने अपनी रूचि के हिसाब के अपनी-अपनी किताबों को अपने हाथों से थाम लिया और पढ़ना शुरू कर दिया।

किताबें पढ़कर खुश हुए बच्चे
वहीं मोबाइल लाइब्रेरी को लेकर अनिता नाम की छात्रा ने बताया कि जब मैं पहले स्कूल जाती थी तो रोज लाइब्रेरी में किताबें पढ़ती थी। फिर कोरोना के कारण स्कूल बंद हो गए। जब हमारे गांव में 'रूम टू रीड' लाइब्रेरी की गाड़ी आई। मैं किताबों को देखकर बहुत खुश हुई। मुझे किताबें पढ़कर बहुत खुशी हुई।

जोधपुर जिले के 30 गांवों में मोबाइल लाइब्रेरी की शुरुआत
गांव और ढाणियों के बच्चों के लिए एक अनूठी पहल बच्चों के चेहरे पर खुशी भी ला रही है। जोधपुर जिले के 30 गांवों में मोबाइल लाइब्रेरी की शुरुआत की जा चुकी है। ऊंट गाड़ी पर चलने वाली यह लाइब्रेरी जब पहली बार किसी गांव में पहुंचेगी तो उसे गुब्बारों और फूलों से सजाया जा रहा है।बता दें कि यह प्रदेश की पहली मोबाइल लाइब्रेरी है, जो इस तरह से शुरू हुई है। वहीं बच्चों की चौपाल लगाकर किताबों की जानकारी दी जा रही है। जोधपुर जिला प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय रीडिंग कैंपेन 2021 के तहत इसकी शुरुआत की है।












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